
बिजनेस डेस्क। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के शिक्षित और मेहनती युवाओं को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से 'मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना' का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के माध्यम से संचालित इस योजना का मुख्य लक्ष्य बेरोजगार युवाओं को खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराना है। पूरे प्रदेश के पात्र आवेदक इस योजना के अंतर्गत आवेदन कर शासन की प्राथमिकताओं का लाभ उठा सकते हैं।
योजना के तहत विभिन्न क्षेत्रों के लिए अलग-अलग ऋण सीमाएं निर्धारित की गई हैं। सेवा क्षेत्र (Service Sector) और खुदरा व्यवसाय (Retail Business) के लिए न्यूनतम 50 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 25 लाख रुपये तक का ऋण प्रदान किया जा रहा है। वहीं, यदि कोई युवा उद्योग या विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्र में अपनी इकाई स्थापित करना चाहता है, तो उसे 50 हजार रुपये से लेकर 50 लाख रुपये तक की बड़ी वित्तीय सहायता मिल सकती है। इससे युवाओं को न केवल खुद का रोजगार मिलेगा, बल्कि वे अन्य लोगों को भी रोजगार देने में सक्षम होंगे।
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सब्सिडी और गारंटी नीति है। योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को बैंक द्वारा वितरित ऋण पर राज्य शासन द्वारा 3 प्रतिशत की वार्षिक दर से ब्याज अनुदान दिया जाता है। यह अनुदान अधिकतम 7 वर्षों तक की अवधि के लिए देय होता है। इसके अतिरिक्त, योजना के तहत लगने वाला ऋण गारंटी शुल्क भी प्रचलित दर पर अधिकतम 7 वर्षों तक प्रतिपूर्ति (Reimbursement) के रूप में शासन द्वारा वहन किया जाता है। इससे युवाओं पर कर्ज का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ता।
योजना का लाभ उठाने के लिए शासन ने सरल मापदंड निर्धारित किए हैं:
इन शर्तों को पूरा करने वाला कोई भी युवा अपने नवाचार और व्यापारिक सोच को हकीकत में बदलने के लिए आवेदन कर सकता है।
इच्छुक युवाओं को योजना का लाभ लेने के लिए कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। इसमें आवेदक का फोटो, बैंक पासबुक की प्रति, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, [Aadhaar Redacted], समग्र आईडी, पैन कार्ड, प्रस्तावित व्यवसाय का कोटेशन और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (Project Report) शामिल है।
आवेदक इन समस्त दस्तावेजों के साथ 'एमपी ऑनलाइन' (MP Online) पोर्टल के माध्यम से अपना आवेदन ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। आवेदन जमा होने के बाद जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा उसकी पात्रता की जांच की जाती है और तत्पश्चात प्रकरण बैंक को ऋण स्वीकृति हेतु प्रेषित किया जाता है।
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सरकार की यह मंशा है कि प्रदेश का युवा नौकरी मांगने वाले के बजाय नौकरी देने वाला बने। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना इसी दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में नई इकाइयों की स्थापना से स्थानीय स्तर पर अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। कटनी जिले के व्यापार एवं उद्योग केंद्र ने अपील की है कि अधिक से अधिक पात्र युवा इस योजना का लाभ लेकर अपने सपनों को साकार करें।