
नईदुनिया प्रातिनिधि,इंदौर। अंतरराष्ट्रीय बुलियन वायदा मार्केट में गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट आई। दरअसल, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के एक फैसले के बाद बुलियन मार्केट में मुनाफावूलसी की बिकवाली देखी गई।
अमेरिका से लेकर भारत और वैश्विक बाजार में सोने और चांदी की चमक फीकी पड़ गई। विदेशी बाजारों में जहां सोना करीब 300 डालर प्रति औंस तक लुढ़क गया वहीं चांदी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करीब 4 फीसद तक टूट गई।
अचानक आई इस गिरावट की लहर ने उन निवेशकों को चिंता में डाल दिया है तो सोने को सबसे सुरक्षित निवेश मानकर चल रहे थे। गुरुवार को कामेक्स पर सोना वायदा 293 डालर घटकर 4684 डालर प्रति औंस और चांदी वायदा 889 सेंट घटकर 70,84 डालर प्रति औंस रह गया।
इसके चलते भारतीय बाजारों में भी दोनों धातुओं के दाम काफी टूट गए। इंदौर में सोना केडबरी 5500 रुपये टूटकर 150500 रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी चौरसा 15500 रुपये घटकर 237000 रुपये प्रति किलो रह गई। आरटीजीएस में तो सोना केडबरी डेढ़ लाख के नीचे 147300 रुपये प्रति दस ग्राम रह गया।

घटे दामों पर भी व्यापार बेहद कमजोर देखने को मिला रहा है क्योंकि खरीदारों को उम्मीद है कि बाजार कुछ और टूट सकते हैं। ज्वेलर्स का कहना है कि सोने-चांदी में इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने लगातार दूसरी नीति बैठक में ब्याज दरों को यथावत रखा है, फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) ने नीति दर को 3.50 से 3.75 प्रतिशत के दायरे में बरकरार रखा।
जनवरी के बाद लगातार दूसरी बार स्थिर रखी गई है। ब्याज दरें ऊंची रहती हैं और डालर मजबूत होता है, तो सोने जैसी सेफ-हेवन एसेट की चमक कम हो जाती है क्योंकि लोग डालर और ट्रेजरी बांड में पैसा लगाना ज्यादा पसंद करते हैं। वैश्विक तनाव और ऊर्जा कीमतों में मजबूती ने महंगाई के जोखिम को फिर बढ़ाया है।
इसी कारण महंगाई का अनुमान थोड़ा बढ़ाया गया है, जो अब भी 2 फीसदी के लक्ष्य से ऊपर बना हुआ है। सराफा व्यवसायी नीलेश सारडा का कहना है कि दुनिया में जब भी युद्ध जैसे हालात बनते हैं, सोने के दाम बढ़ते है।
इस समय अमेरिकी-ईरान के बीच चल रहे तनाव को देखते हुए उम्मीद थी कि सोना और ऊपर जाएगा, लेकिन इस बार कहानी उल्टी पड़ गई। भू-राजनीतिक तनाव तो है लेकिन कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई का डर बढ़ा दिया है जब महंगाई बढ़ती है तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती करने से बचते है।
ऊंची ब्याज दरें सोने के लिए दुश्मन की तरह होती है क्योंकि सोने पर कोई निश्चित ब्याज नहीं मिलता। यहीं वजह है कि तनाव के बावजूद कड़ी मौद्रिक नीति की आशंका ने सोने की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है।
कामेक्स वायदा- सोना वायदा 4684 डालर तक जाने के बाद ऊपर में 4866 डालर और नीचे में 4666 डालर प्रति औंस और चांदी 70.84 डालर तक जाने के बाद ऊपर में 76.65 डालर और नीचे में 69.94 डालर प्रति औंस पर कारोबार करती देखी गई।
सोना केडबरी रवा नकद में 150500 सोना आरटीजीएस में 147300 (जीएसटी अतिरिक्त), सोना 22 कैरेट 135100 रुपये प्रति दस ग्राम (जीएसटी अतिरिक्त) है। बुधवार को सोना 156000 रुपये पर बंद हुआ। चांदी चौरसा 237000, चांदी आरटीजीएस 236000 चांदी टंच 237500 रुपये प्रति किलो और चांदी सिक्का 2700 रु. प्रति नग बिका। बुधवार को चांदी 252500 रु. पर बंद हुई थी।