Gold Silver Price Hike: 1.51 लाख के पार पहुंचा सोना, चांदी में भी दिखी तेजी, देखें ताजा भाव
सोने की कीमतों में 1.83 प्रतिशत और चांदी में भारी बढ़त दर्ज की गई। विश्लेषकों का मानना है कि सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग बरकरार है, लेकिन डॉल ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 09 May 2026 04:04:05 PM (IST)Updated Date: Sat, 09 May 2026 04:04:05 PM (IST)
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच इस हफ्ते महंगा हुआ गोल्ड-सिल्वरHighLights
- मिडिल ईस्ट तनाव के बीच इस हफ्ते महंगा हुआ सोना
- चांदी की कीमतों में 11363 रुपये की बढ़ोतरी दिखी
- सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग बरकरार है
बिजनेस डेस्क। भू-राजनीतिक अस्थिरता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच इस हफ्ते सर्राफा बाजार में जोरदार तेजी देखी गई। साप्ताहिक आधार पर सोने की कीमतों में 1.83 प्रतिशत और चांदी में भारी बढ़त दर्ज की गई। शुक्रवार को एमसीएक्स (MCX) पर जून का सोना 1,52,589 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं, जुलाई की चांदी 1.34 प्रतिशत की उछाल के साथ 2,61,999 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, इस एक हफ्ते के भीतर 999 शुद्धता वाले सोने की कीमत में 2,721 रुपये की वृद्धि हुई, जिससे यह सोमवार के 1,48,357 रुपये से बढ़कर शुक्रवार को 1,51,078 रुपये पर पहुंच गया। चांदी में यह उछाल और भी अधिक रहा। सोमवार के 2,44,237 रुपये के मुकाबले चांदी शुक्रवार को 2,55,600 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई, यानी एक हफ्ते में 11,363 रुपये की भारी तेजी आई।
तेजी के क्या हैं कारण?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीदों ने कीमतों को सहारा दिया है। हालांकि, अमेरिका के मजबूत रोजगार आंकड़ों (अप्रैल में उम्मीद से अधिक रोजगार) ने संकेत दिया है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है, जो भविष्य में सोने जैसी बिना ब्याज वाली संपत्तियों पर दबाव डाल सकता है।
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अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स (Comex) गोल्ड 4,760 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के उच्च स्तर तक पहुंच गया। विश्लेषकों का मानना है कि सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग बरकरार है, लेकिन डॉलर की स्थिरता और होर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई बाधित होने की आशंका ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। फिलहाल, बड़े उतार-चढ़ाव के बाद बाजार तकनीकी स्थिरता की ओर बढ़ रहा है और कीमती धातुएं एक सीमित दायरे में स्थिर होने की कोशिश कर रही हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव अभी भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।