फिर बढ़ेंगे Petrol-Diesel के दाम! तेल कंपनी ने बढ़ी कीमतों को बताया नाकाफी, कहा- ₹3 की वृद्धि बहुत कम
15 मई से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बावजूद आम जनता को राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 15 May 2026 03:10:19 PM (IST)Updated Date: Fri, 15 May 2026 03:10:19 PM (IST)
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी के संकेत।HighLights
- पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी के संकेत
- IOCL निदेशक बोले- यह तो सिर्फ 10% बढ़ोतरी है
- अंतरराष्ट्रीय दबाव के सामने लागत अभी भी अधिक
बिजनेस डेस्क। 15 मई से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बावजूद आम जनता को राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के निदेशक अरविंद कुमार के हालिया बयान ने साफ कर दिया है कि तेल कंपनियां मौजूदा कीमतों से संतुष्ट नहीं हैं और आने वाले समय में ईंधन के दाम और बढ़ सकते हैं।
IOCL डायरेक्टर ने बढ़ोतरी को बताया मामूली
IOCL के निदेशक अरविंद कुमार ने कहा कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के भारी दबाव और परिचालन लागत में हुई वृद्धि की तुलना में ₹3 की यह बढ़ोतरी "बहुत मामूली" है।
बयान के मुख्य अंश:
- लागत की तुलना: पीटीआई (PTI) की रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी हुई लागत की पूरी भरपाई के लिए जितने इजाफे की जरूरत थी, यह ₹3 की वृद्धि उसका मात्र 10 प्रतिशत (दसवां हिस्सा) ही है।
- सप्लाई का दबाव: देश में ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी रिफाइनरियां वर्तमान में अपनी क्षमता से 100% से अधिक पर काम कर रही हैं।
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क्यों बढ़ सकते हैं दाम?
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) का मानना है कि ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। कंपनियों का दावा है कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कीमतों का पूरा बोझ आम जनता पर नहीं डाला है और घाटे को कम करने के लिए यह 'मामूली वृद्धि' अनिवार्य थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बनी रहीं, तो कंपनियां अपनी 'अंडर-रिकवरी' (लागत से कम कीमत पर बिक्री) को कवर करने के लिए भविष्य में कीमतों में और संशोधन कर सकती हैं।