सेमीकंडक्टर, रक्षा उत्पाद और वस्त्र उद्योग से संवरेगी ग्वालियर-चंबल अंचल की तस्वीर
Gwalior Chambal Industrial Hub: अंचल की इन औद्योगिक इकाइयों की सबसे बड़ी खास बात यह है कि यहां उत्पादन का दायरा बेहद व्यापक है। अब केवल पारंपरिक उद्यो...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 01 Aug 2026 02:43:17 PM (IST)Updated Date: Sat, 01 Aug 2026 02:44:43 PM (IST)
प्रतीकात्मक चित्र।HighLights
- हाई-टेक और रक्षा निर्माण क्षेत्र में नया कदम
- जिलेवार औद्योगिक पार्क और निवेश का विस्तार
- स्थानीय कृषि, हस्तशिल्प और रोजगार को बढ़ावा
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मध्य प्रदेश का ग्वालियर-चंबल अंचल तेजी से देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी नई पहचान बना रहा है। मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम द्वारा तैयार किए जा रहे विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे और औद्योगिक क्षेत्रों के नेटवर्क से अंचल में निवेश की नई क्रांति आ रही है।
आर्थिक बदलाव की हैं मुख्य धुरी
हजीरा और साडा क्षेत्र में प्रस्तावित देश के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के साथ-साथ ग्वालियर, मुरैना, भिंड और शिवपुरी जिलों में फैले औद्योगिक क्षेत्र इस आर्थिक बदलाव की मुख्य धुरी बन रहे हैं। अंचल की इन औद्योगिक इकाइयों में अब केवल भारतीय सेना के लिए रक्षा उपकरण ही नहीं, बल्कि भविष्य की तकनीक मानी जाने वाली सेमीकंडक्टर और चिप का उत्पादन भी होगा।
इसके अलावा सीतापुर में लेदर इंडस्ट्री, गारमेंट सेक्टर और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां बड़े पैमाने पर आकार ले रही हैं। विभिन्न क्षेत्रों में विविधतापूर्ण उत्पादन से न केवल ग्वालियर-चंबल की पहचान एक राष्ट्रीय औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित होगी, बल्कि अंचल के हज़ारों युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोज़गार के नए अवसर भी मिलेंगे।
रक्षा से लेकर चिप निर्माण तक
अंचल की इन औद्योगिक इकाइयों की सबसे बड़ी खास बात यह है कि यहां उत्पादन का दायरा बेहद व्यापक है। अब केवल पारंपरिक उद्योग ही नहीं, बल्कि रक्षा तकनीक, सेमीकंडक्टर, लेदर, रेडीमेड कपड़े और फ़ूड प्रोसेसिंग इकाइयां एक ही रीजन में बड़े पैमाने पर आकार ले रही हैं।
विभिन्न क्षेत्रों में विविधतापूर्ण उत्पादन और भारी निवेश से न केवल ग्वालियर-चंबल की पहचान एक राष्ट्रीय औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित हो रही है, बल्कि अंचल के हजारों कुशल व अकुशल युवाओं को अपने ही घर में सम्मानजनक रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। एमपीआइडीसी द्वारा निवेशकों को दी जा रही सुविधाओं से आने वाले दिनों में यहां कई अन्य बड़ी कंपनियां भी अपनी इकाइयां स्थापित करेंगी।
ग्वालियर, मुरैना, भिंड और शिवपुरी के औद्योगिक क्षेत्रों की विशेषताएं
- रेडीमेड गारमेंट एवं स्टोन पार्क: गदाईपुरा में रेडीमेड गारमेंट पार्क वस्त्र उद्योग का प्रमुख केंद्र है। वहीं स्टोन पार्क अंचल के पत्थर व हस्तशिल्प उद्योग को बढ़ावा दे रहा है।
- टेलीकाम मैन्युफैक्चरिंग जोन: साडा क्षेत्र में 350 एकड़ में देश का पहला टेलीकाम मैन्युफैक्चरिंग जोन आकार ले रहा है, जहां मोबाइल, 5जी/6जी उपकरण और सेमीकंडक्टर, चिप का निर्माण होगा। इसके साथ ही एयरपोर्ट के पास आईटी पार्क स्थित है।
- मोहना में भी नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहे हैं। इस पार्क को भी एमपीआइडीसी प्लग एंड प्ले की तर्ज पर विकसित कर रहा है। यहां पर कपड़े व फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में निवेश लाने का प्रयास कर रहे हैं।
- मालनपुर (रक्षा उत्पाद एवं भारी उद्योग): मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र अंचल का सबसे पुराना और विशाल औद्योगिक बेल्ट है। यहां भारतीय सेना के लिए रक्षा उपकरण व आधुनिक शस्त्र बनाने वाली इकाइयों के अलावा आटोमोबाइल, केमिकल और कंज्यूमर गुड्स की कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय कंपनियां कार्यरत हैं।
- बानमोर एक पुराना औद्योगिक केंद्र है और यहां पर जेके टायर जैसी कंपनियां हैं। लेकिन पास में ही विकसित किए गए सीतापुर औद्योगिक क्षेत्र में लेदर, फूड एवं इंजीनियरिंग हब बनया जा रहा है। इससे संबंधित कंपनियों ने उत्पादन भी शुरू कर दिया है।
पिपरसेवा औद्योगिक क्षेत्र यूं तो है मुरैना जिले में है लेकिन ग्वालियर के काफी करीब है। यहां भी केमीकल सहित कई तरह के उत्पाद बनाने वाली यूनिटें हैं।
शिवपुरी में शिवपुरी के दो प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में वनोपज, जड़ी-बूटी, सरसों तेल मिलों और कृषि-आधारित प्रसंस्करण इकाइयों को प्राथमिकता दी जा रही है, जो स्थानीय कृषि उपज को मूल्य संवर्धन प्रदान करते हैं। यहां पर अभी अडानी ग्रुप ने भी अभी अपनी यूनिट लगाने के लिए भूमिपूजन किया है। ग्वालियर चंबल क्षेत्र उद्योगों के लिहाज से काफी पोटेंसियल है। एयर, रेल व सड़क कनेक्टिविटी से पूरे देश से जुड़ा हुआ है। ऐसे में यहां संभावनाएं अधिक हैं और इसलिए अब निवेशक यहां पर अपनी रुचि दिखा रहे हैं। -अनीषा श्रीवास्तव, कार्यकारी निदेशक, एमपीआईडीसी, ग्वालियर।