
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। केंद्र सरकार द्वारा विदेशी मुद्रा बचाने के लिए सोना ना खरीदने के अपील के बाद 12 मई को सोने और चांदी पर आयात ड्यूटी छह फीसद से बढ़ाकर 15 फीसद कर दी गई थी। इसके बाद सरकार ने चांदी की आयात नीति में भी संशोधन कर दिया है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन आने वाले डायरेक्टरेट आफ फ़ारेन ट्रेड ने इसकी घोषणा भी कर दी है।
इस संशोधन के बाद चांदी के आयात को ‘रिस्ट्रिक्टेड’ श्रेणी में डाल दिया गया है। यानी पहले चांदी आयात करने के लिए केवल ड्यूटी (शुल्क) देना होती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा। चांदी की इम्पोर्ट पालिसी में बदलाव के बाद अब चांदी आयात करने के लिए डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड के पास इसके लाइसेंस के लिए आवेदन देना होगा और लाइसेंस मिलने के बाद ही चांदी के आयात की अनुमति दी जाएगी। इसकी ख़ास बात यह है कि ऐसी कोई शर्त सोने के साथ नहीं रखी गई है, जो कि चांदी के मुक़ाबले काफी महंगा है।
डायरेक्टरेट ऑफ फॉरेन ट्रेड ने 16 मई को चांदी के आयात को लेकर अपना नया आदेश जारी किया है। यानी सोने-चांदी पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के महज चार दिन के बाद यह फैसला लिया गया। दरअसल, भारत और यूएई के बीच साल 2022 में एक समझौता हुआ था, जिसके तहत भारत को यूएई से आयात होने वाली चांदी पर हर साल इम्पोर्ट ड्यूटी एक फीसद कम करनी थी।
इस तरह से फ़िलहाल भारत को यूएई से चांदी आयात करने पर केवल सात फीसद आयात शुल्क देना पड़ता था जबकि अगर आप ब्रिटेन से चांदी आयात करते हैं तो आपको 15 फीसद आयात शुल्क देना होता था।
“यह एक बहुत बड़ा अंतर था। हालांकि सरकार ने इस फैसले के पीछे की वजह नहीं बताई है, लेकिन अगर इसका मक़सद विदेशी मुद्रा बचाना होता तो चांदी से कई गुना महंगे सोने के लिए ऐसा फैसला किया जाता।
जानकारों का कहन है कि 'यूएई से सोने के आयात पर अन्य देशों के मुक़ाबले केवल एक फीसदी की छूट है, यानी यह 14 फीसद है, जो बहुत बड़ा अंतर नहीं है, लेकिन चांदी के मामले में हो सकता है कि सरकार को आशंका हो कि उसकी पॉलिसी का फायदा उठाकर कोई भी कारोबारी यूएई के जरिए भारत तक चांदी ले आएगा।
सोमवार को इंदौर में चांदी के दाम करीब 6700 रुपये तक उछलकर 260000 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं सोने की कीमतों में कोई खास परिवर्तन नहीं देखा गया।
सोना वायदा 4539 डालर तक जाने के बाद ऊपर में 4589 डॉलर और नीचे में 4480 डॉलर प्रति औंस और चांदी 75.86 डॉलर तक जाने के बाद ऊपर में 76.87 डॉलर और नीचे में 73.84 डालर प्रति औंस पर कारोबार करती देखी गई।