
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन आफ इंडिया (सोपा) द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि चालू खरीफ सीजन के दौरान देश के प्रमुख उत्पादक राज्यों में सोयाबीन का उत्पादन क्षेत्र 100.3 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है जो इसके लक्ष्यांकित क्षेत्रफल का 80-90 प्रतिशत है। बोवनी का यह आंकड़ा सोपा द्वारा किए गए एक त्वरित सर्वेक्षण पर आधारित है।
सोपा ने जो आंकड़ा जारी किया है वो सरकारी आंकड़े से काफी ज्यादा है। सोपा के अनुसार केन्द्रीय कृषि मंत्रालय का आंकड़ा 7 से 10 दिन तक पीछे रहता है। इसलिए दोनों के आंकड़े मेल नहीं खाते हैं। सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि राष्ट्रीय स्तर पर सोयाबीन का कुल उत्पादन क्षेत्र अभी 57 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा है। सोपा की विज्ञप्ति (रिलीज) में कहा गया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन में विलम्ब होने से सोयाबीन की बोवनी इस बार गत वर्ष की तुलना में देर से शुरू हुई।
15 जुलाई तक सोयाबीन की बोवनी की प्रक्रिया पूरी हो जाने की उम्मीद है। बशर्ते मौसम और मानसून की हालत अनुकूल बनी रहे। सभी प्रमुख उत्पादक इलाकों में फिलहाल सोयाबीन फसल की हालत सामान्य या संतोषजनक बनी हुई है। अगैती बोवनी वाली फसल में नए-नए पत्ते लग रहे हैं और पौधे वनस्पतिक चरण में पहुंच गए हैं। किसान अब खेतों में खरपतवार को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। जिन प्रमुख उत्पादक राज्यों में सोयाबीन के बोवनी क्षेत्र का सर्वेक्षण किया गया उसमें मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ एवं गुजरात मुख्य रूप से शामिल हैं।
अमेरिकी कृषि विभाग (यूएसडीए) के नवीनतम साप्ताहिक निर्यात बिक्री आंकड़ों के अनुसार 2 जुलाई 2026 को समाप्त सप्ताह में अमेरिकी सोया खली (सोयामील) की 2025-26 विपणन वर्ष की शुद्ध निर्यात बिक्री 2.25 लाख टन रही। यह पिछले सप्ताह की तुलना में 6 प्रतिशत तथा पिछले चार सप्ताह के औसत से 16 प्रतिशत कम रही। प्रमुख खरीदारों में मैक्सिको, नीदरलैंड, पोलैंड, इक्वाडोर और जापान शामिल रहे, हालांकि कुछ सौदों में कटौती होने के कारण कुल बिक्री पर दबाव देखा गया।
इधर, इंदौर मार्केट में खाद्य तेलों में मांग कमजोर रहने और विदेशी बाजार में कमजोरी के साथ ही केएलसी में आई जोरदार गिरावट से हाजिर में भी मंदी रही। मुंगफली तेल इंदौर घटकर 1610-1630, मुंबई मूंगफली तेल 1630, इंदौर सोयाबीन तेल रिफाइंड 1455-1460, इंदौर सोयाबीन साल्वेंट 1395-1400, इंदौर पाम तेल 1531, मुंबई सोया रिफाइंड 1470 रुपये प्रित दस किलो रह गया। देशभर में सोयाबीन की आवक 1 लाख 25 हजार बोरी की रही जिसमें से मध्यप्रेदश में आवक 75 हजार बोरी, महाराष्ट्र में 35 हजार बोरी और राजस्थान में 7000 बोरी और अन्य राज्यों में 8000 बोरी की रही। मंडी में सरसों निमाड़ी (बारीक) 7600-7800, रायडा 6800, सोयाबीन 7000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव रहे।
लूज तेल (टैक्स अतिरिक्त)- मुंगफली तेल इंदौर 1610-1630, मुंबई मूंगफली तेल 1630, इंदौर सोयाबीन तेल रिफाइंड 1455-1460, इंदौर सोयाबीन साल्वेंट 1395-1400, इंदौर पाम तेल 1531, मुंबई सोया रिफाइंड 1470, मुंबई पाम तेल 1470, राजकोट तेलिया 2550, गुजरात लूज 1600, कपास्या तेल इंदौर 1530 रुपये प्रति दस किलो।
प्लांट सोयाबीन भाव – बैतुल 7300, केएन इटारसी 7125, सांवरिया 7125, मित्तल 7125, लिविंग फूड्स 7100, खंडवा 7100, प्रकाश 7020, सोनिका 7075, धानुका 6975, अवी एग्रों 7050, नीमच प्रोटीन 7050, केपी निवाड़ी 7050, धीरेंद्र सोया 7040, प्रेस्टीज 7025, रामा 6950, एमएस 6950, सूर्या फूड्स 6950, दिव्य ज्योति 6870, पतंजलि 6900, आइडिया लक्ष्मी देवास 7025 रुपये प्रति क्विंटल।
कपास्या खली- (60 किलो भरती) इंदौर 2600, देवास 2600, उज्जैन 2600, खंडवा 2575, बुरहानपुर 2575, अकोला 3925 रुपये।
अनमने मानसून से सोयाबीन की बोवनी धीमी, तेल में स्थिरता, मंडियों में आवक भी रही कमजोर