• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
  • user
मेरी खबरेंuser
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • त्विषा शर्मा केस
  • भोजशाला पर फैसला
  • एलपीजी संकट
  • गर्मी का मौसम
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • अंबिकापुर

छत्तीसगढ़ में हत्या और दुष्कर्म के आरोपी 11 बाल कैदी फरार, बाल संप्रेक्षण गृह से खिड़की उखाड़कर दीवार फांद भागे सभी

तेज बारिश और गरज-चमक के बीच अपचारी बालकों ने कमरे की खिड़की उखाड़ी और संप्रेक्षण गृह के पीछे की दीवार फांदकर भाग निकलने में सफल हो गए।

By Asim Sen GuptaEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Tue, 23 Jun 2026 11:45:45 PM (IST)Updated Date: Tue, 23 Jun 2026 11:45:45 PM (IST)
  • Join करें
छत्तीसगढ़ में हत्या और दुष्कर्म के आरोपी 11 बाल कैदी फरार, बाल संप्रेक्षण गृह से खिड़की उखाड़कर दीवार फांद भागे सभी
अंधेरे का फायदा उठाकर भागे सभी अपचारी बालक।

HighLights

  1. बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर बढ़ाई गई निगरानी
  2. फरार बालकों के परिजनों से संपर्क कर रही पुलिस
  3. अंधेरे का फायदा उठाकर भागे सभी अपचारी बालक

नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर। अंबिकापुर के बिशुनपुर रोड स्थित बाल संप्रेक्षण गृह से मंगलवार देर शाम 11 अपचारी बालक फरार हो गए। तेज बारिश और गरज-चमक के बीच अपचारी बालकों ने कमरे की खिड़की उखाड़ी और संप्रेक्षण गृह के पीछे की दीवार फांदकर भाग निकलने में सफल हो गए। घटना से बाल संप्रेक्षण गृह प्रबंधन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही गांधीनगर थाना पुलिस सहित संप्रेक्षण गृह के कर्मचारी फरार बालकों की तलाश में जुट गए हैं।

तेज बारिश और गरज-चमक का उठाया फायदा

हाउस फादर मनीष कुशवाहा ने बताया कि घटना रात लगभग साढ़े सात बजे की है। भोजन करने के बाद सभी बच्चे अपने-अपने कमरे में चले गए थे। कुछ बच्चे कमरे में टीवी देख रहे थे। इसी दौरान कुछ अपचारी बालकों ने कमरे की खिड़की उखाड़ दी। तेज बारिश और बादलों की गरज-चमक के कारण दो सुरक्षाकर्मियों को खिड़की उखाड़ने की आवाज सुनाई ही नहीं दी। खिड़की उखाड़ने के बाद सभी 11 अपचारी बालक संप्रेक्षण गृह के पीछे की दीवार फांदकर फरार हो गए।


गंभीर मामलों के आरोपी हैं फरार बालक

हाउस फादर ने बताया कि फरार होने वाले अपचारी बालक सरगुजा, सूरजपुर और कोरिया जिले के हैं। इनमें हत्या, चोरी, दुष्कर्म जैसी गंभीर घटनाओं में शामिल अपचारी बालक भी हैं। फरार बालकों की उम्र 14 से 17 वर्ष के बीच बताई जा रही है। घटना के बाद संप्रेक्षण गृह के कर्मचारियों के अलावा गांधीनगर पुलिस अपचारी बालकों की संभावित ठिकानों पर तलाश कर रही है। शहर के बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और बाहरी मार्गों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई।

सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

मालूम हो कि इसके पहले भी बाल संप्रेक्षण गृह से अपचारी बालकों के फरार होने की घटनाएं हो चुकी हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई बार सवाल उठे हैं, लेकिन इसके बाद भी लापरवाही सामने आ रही है। संप्रेक्षण गृह परिसर की दीवारों की ऊंचाई कम होने और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त रोशनी व सुरक्षा इंतजाम नहीं होने की बात भी सामने आती रही है।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

मंगलवार की घटना के समय भी मेन गेट पर दो सुरक्षाकर्मी तैनात थे, लेकिन पीछे की ओर कोई निगरानी नहीं थी। बारिश और गरज-चमक के कारण खिड़की उखाड़ने की आवाज दब गई। घटना की सूचना पर अधिकारी और कर्मचारी संप्रेक्षण गृह में पहुंचे और पूछताछ शुरु कर दी है। घटना की सूचना जिला प्रशासन और बाल कल्याण समिति को भी दे दी गई है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है कि सुरक्षा में कहां चूक हुई और खिड़की उखाड़ने के लिए औजार कहां से आए। संप्रेक्षण गृह में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि पूरी घटना का पता चल सके।

अंबिकापुर के आदतन बालक पर शक

हाउस फादर मनीष कुशवाहा ने आशंका जताई है कि इस पूरे घटनाक्रम में अंबिकापुर का एक अपचारी बालक शामिल हो सकता है। उन्होंने बताया कि वह आदतन है और कई बार बाल संप्रेक्षण गृह में आ चुका है। उसके विरुद्ध अंबिकापुर शहर के अलग-अलग थानों में कई प्रकरण पंजीकृत हैं। पूरी संभावना है कि उसी ने दूसरे अपचारी बालकों को विश्वास में लेकर घटना को अंजाम दिलाया होगा। प्रबंधन का कहना है कि फरार बालकों में कुछ ऐसे भी हैं जो पहले भी भागने का प्रयास कर चुके हैं।

यह भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री, IMD का अंबिकापुर, मुंगेली-रायगढ़-सरगुजा सहित कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

प्रबंधन को उम्मीद, जल्द मिल जाएंगे सभी बच्चे

प्रबंधन को उम्मीद है कि बुधवार शाम तक सभी बच्चों को ढूंढ लिया जाएगा। हाउस फादर ने बताया कि कई बार ऐसा होता है कि फरार बालक अपने घर चले जाते हैं। ऐसे में अभिभावक स्वयं बच्चों को लेकर आ जाते हैं। जो बच्चे नहीं आते, उनके लिए पुलिस की मदद ली जाती है। फिलहाल गांधीनगर पुलिस ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में तलाश शुरू कर दी है। फरार अपचारी बालकों के स्वजन से भी संपर्क किया जा रहा है। पुलिस टीम अलग-अलग दलों में बंटकर संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।