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अंबिकापुर टेंगनी में स्वास्थ्य व्यवस्था बेहाल: दोपहर तक नहीं पहुंचे डॉक्टर, मरीज घंटों करते रहे इंतजार

पांडवपारा के टेंगनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर समय पर नहीं पहुंचे, जिससे मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा और एक घायल को टिटनेस का इंजेक्शन त...और पढ़ें

By Asim Sen GuptaEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Tue, 04 Aug 2026 02:01:49 PM (IST)Updated Date: Tue, 04 Aug 2026 02:01:49 PM (IST)
अंबिकापुर टेंगनी में स्वास्थ्य व्यवस्था बेहाल: दोपहर तक नहीं पहुंचे डॉक्टर, मरीज घंटों करते रहे इंतजार
अस्पताल के बाहर मरीज व उनके स्वजन

HighLights

  1. अस्पताल की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल।
  2. दूर-दराज से पहुंचे मरीजों को लौटना पड़ा वापस।
  3. सीएमएचओ और बीएमओ ने साधी चुप्पी।

नईदुनिया प्रतिनिधि,अंबिकापुर : ग्राम टेंगनी ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के सरकारी दावों के बीच टेंगनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था सवालों के घेरे में है। सोमवार को अस्पताल में डॉक्टरों के समय पर नहीं पहुंचने से दूर-दराज से आए मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा। हालत यह रही कि दोपहर 12 बजे तक अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं थे। इस दौरान कई मरीज इलाज के लिए भटकते रहे जबकि एक व्यक्ति को टिटनेस का इंजेक्शन तक नहीं लग सका।

टेमरी गांव निवासी अखिलेश द्विवेदी अपने बुजुर्ग पिता की हाथ की उंगली में लगी चोट का इलाज कराने सुबह करीब 11 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। उन्होंने बताया कि अस्पताल में डॉक्टर नहीं थे। लैब टेक्नीशियन ने प्राथमिक उपचार कर ड्रेसिंग की लेकिन आगे के इलाज के लिए डॉक्टर का इंतजार करना पड़ा लेकिन नहीं आने पर इलाज नहीं हो सका ।


अस्पताल में उस समय करीब छह से सात अन्य मरीज भी इलाज के लिए मौजूद थे। सभी मरीज डॉक्टर के आने का इंतजार करते रहे लेकिन दोपहर 12 बजे तक भी कोई चिकित्सक अस्पताल नहीं पहुंचा। अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल तब और गहरे हो गए जब गांव का एक व्यक्ति पैर में चोट लगा था, जिसके बाद टिटनेस का इंजेक्शन लगवाने स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया लेकिन ड्यूटी पर मौजूद नर्स और एक अन्य स्टाफ ने यह कहते हुए इंजेक्शन लगाने से मना कर दिया कि डॉक्टर के पर्ची के बिना इंजेक्शन नहीं लगाया जा सकता।

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डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण व्यक्ति को काफी देर तक बिना उपचार इंतजार करना पड़ा और उसे वापस घर आना पड़ा।इस दौरान मौजूद मरीजों और स्वजन ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर नाराजगी जताई और उसका इलाज नहीं हुआ ग्रामीणों का आरोप है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों का समय पर नहीं पहुंचना आम बात हो गई है। आपात स्थिति में भी मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। उनका कहना है कि गरीब और ग्रामीण परिवार इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल आते हैं लेकिन यहां पहुंचने पर निराशा हाथ लगती है।

भाजपा मंडल महामंत्री सच्चिदानंद द्विवेदी ने कहा कि मैं इस विषय पर बीएमओ डा श्रेष्ठ मिश्रा से बात किया तो उन्होंने कहा कि अभी स्टाफ कम होने के चलते वहां के डॉक्टर का नाइट ड्यूटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटना में लगा था जिसके कारण उनको जाने में लेट लग सकता है और अभी तीस अगस्त तक ऐसा ही चलेगा।

इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के सीएमएचओ डा प्रशांत सिंह व बीएमओ डा श्रेष्ठ मिश्रा से पक्ष जानने हेतु कॉल किया गया लेकिन दोनों से संपर्क नहीं हो सका।