एसीबी में पहुंच की धौंस दिखाकर उगाही करने वाला लिपिक जेल गया
अंबिकापुर तहसील कार्यालय में भी उसने सेवा दी थी। शुक्रवार शाम को उसे अंबिकापुर के घड़ी चौक के समीप उस समय गिरफ्तार किया गया था जब उसने जिला शिक्षा अधिक ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 21 Mar 2026 08:00:37 PM (IST)Updated Date: Sat, 21 Mar 2026 08:08:22 PM (IST)
भ्रष्ट कर्मचारी जेल गया।HighLights
- तलाशी में घर से मिले नकदी और जमीन के भी दस्तावेज।
- कोई रिश्तेदार काम नहीं करता है एंटी करप्शन ब्यूरो में।
- एक लाख रुपये की उगाही करते रंगे हाथों गिरफ्तार हुआ।
नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर। एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्रवाई का भय दिखाकर दरिमा तहसील कार्यालय का लिपिक अनिल गुप्ता उगाही में लिप्त था। इस बार उसका दांव उल्टा पड़ गया। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने एक लाख रुपये की उगाही करते उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद उसके केदारपुर स्थित घर में भी छापेमारी की गई। यहां नकदी पांच लाख 30 हजार रुपये तथा जमीन से जुड़े दस्तावेज मिले। आरोपित लिपिक को शनिवार को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया। आरोपित लिपिक अनिल गुप्ता, मूल रूप से दरिमा तहसील कार्यालय में सहायक ग्रेड दो के पद पर पदस्थ था।
अंबिकापुर तहसील कार्यालय में भी उसने सेवा दी थी। शुक्रवार शाम को उसे अंबिकापुर के घड़ी चौक के समीप उस समय गिरफ्तार किया गया था जब उसने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ लिपिक अखिलेश सोनी से एक लाख रुपये की रिश्वत ली थी।
आरोपित अनिल गुप्ता ने यह कहते हुए उससे रिश्वत की रकम ली थी कि उसके यहां एंटी करप्शन ब्यूरो का छापा पड़ने वाला है।उनके विरुद्ध शिकायत हुई है लेकिन वह शिकायत को रफा - दफा करवा सकता है क्योंकि उसका भतीजा एंटी करप्शन ब्यूरो में पदस्थ है। एंटी करप्शन ब्यूरो में पहुंच और प्रभाव का झांसा देकर उसने लिपिक से रिश्वत ली थी।
कोई भतीजा नहीं करता है काम
एक लाख रुपये की उगाही करते पकड़ा गया आरोपित लिपिक अनिल गुप्ता यह धौंस देता था कि उसका भतीजा एंटी करप्शन ब्यूरो में पदस्थ है। इस कारण ब्यूरो के अधिकारियों के साथ उसकी अच्छी पहचान है। वह हर शिकायत को समाप्त करवा सकता है जबकि सच्चाई यह है कि अंबिकापुर एंटी करप्शन ब्यूरो में उसका कोई भी रिश्तेदार पदस्थ नहीं है वह सिर्फ अपनी पहुंच का धौंस देता था।
जशपुर के किसी अधिकारी से राशि वसूली की भी शिकायत
- आरोपित अनिल गुप्ता द्वारा जशपुर जिले के अधिकारी से भी दो लाख रुपये की उगाही का आरोप है।
- उसने इस तथ्य की स्वीकारोक्ति शिकायतकर्ता लिपिक अखिलेश सोनी के समक्ष भी की थी।
- उसका कहना था कि जशपुर जिले के एक अधिकारी के विरुद्ध भी एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत हुई थी।
- उसके प्रकरण को वह दो लाख रुपये में सेटिंग करवा चुका है।
- संदेह है कि इसी प्रकार कई और शासकीय सेवकों से भी उसने उगाही की होगी। ऐसे लोग भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।