पियक्कड़ों की जेब पर डाका डालना पड़ा महंगा; सौ रुपये की 'ओवररेटिंग' अंबिकापुर में उड़ गई आबकारी उप निरीक्षक की कुर्सी
अंबिकापुर के बौरीपारा विदेशी शराब दुकान में निर्धारित दर से ₹100 अधिक वसूलने के आरोप में आबकारी आयुक्त ने उप निरीक्षक अनिल गुप्ता को सस्पेंड कर दिया ह...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 23 Jun 2026 04:11:08 PM (IST)Updated Date: Tue, 23 Jun 2026 04:11:08 PM (IST)
प्रतीकात्मक चित्र इंटरनेट से लिया गयाHighLights
- जिला आबकारी अधिकारी व सहायक जिला आबकारी अधिकारी को नोटिस
- संभागीय उड़नदस्ता सरगुजा बनाया गया मुख्यालय, सात दिनों के भीतर आयुक्त को देना होगा लिखित जवाब
- बौरीपारा दुकान में 100 रुपये ज्यादा वसूली का आरोप, आबकारी आयुक्त ने की कार्रवाई
नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर : अंबिकापुर शहर के बौरीपारा विदेशी कम्पोजिट मदिरा दुकान में निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर शराब बेचने के आरोप पर आबकारी आयुक्त ने अंबिकापुर के आबकारी उप निरीक्षक अनिल गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही सरगुजा जिला आबकारी अधिकारी लक्ष्मीकांत गायकवाड और सहायक जिला आबकारी अधिकारी शीला बड़ा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दोनों अधिकारियों से सात दिन के भीतर जवाब मांगा गया है।
कार्यालय उपायुक्त आबकारी राज्य स्तरीय उड़नदस्ता छत्तीसगढ़ रायपुर के प्रतिवेदन के अनुसार बौरीपारा मदिरा दुकान में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान छद्म ग्राहक के माध्यम से मदिरा विक्रय दर का सत्यापन कराया गया। जांच में दुकान में कार्यरत विक्रयकर्ता नरेन्द्र कुमार यादव द्वारा 20 नग पाव गोल्डन गोवा व्हिस्की को शासन द्वारा निर्धारित विक्रय दर 120 रुपये प्रति नग के हिसाब से 2400 रुपये के स्थान पर 2500 रुपये में बेचना पाया गया। यानी 100 रुपये अधिक दर पर विक्रय किया गया।
इस अनियमितता पर विक्रयकर्ता नरेन्द्र कुमार यादव के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा के तहत राज्य स्तरीय उड़नदस्ता ने अधिक दर पर मदिरा विक्रय का प्रकरण दर्ज किया है। आदेश में कहा गया है कि यह प्रकरण आबकारी उप निरीक्षक अनिल गुप्ता के प्रभार क्षेत्र के अंतर्गत आता है। उनके क्षेत्र में इस प्रकार की गंभीर श्रेणी की अनियमितता पाया जाना उनके कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता एवं शिथिल नियंत्रण का परिचायक है। यह छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम के नियम विपरीत एवं दंडनीय है।
इसी आधार पर आबकारी आयुक्त ने अनिल गुप्ता को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील नियम के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय उपायुक्त आबकारी संभागीय उड़नदस्ता सरगुजा संभाग, सरगुजा रहेगा। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
इस प्रकरण में जिला आबकारी अधिकारी लक्ष्मीकांत गायकवाड और सहायक जिला आबकारी अधिकारी शीला बड़ा को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। हालांकि कार्रवाई को लेकर विभागीय अधिकारी दबे स्वर में सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि 20 पाव शराब खरीदने पर केवल 100 रुपये अधिक दिए गए थे। जब तक यह रकम वापस की जाती, छद्म ग्राहक वापस लौट गए थे। विभागीय सूत्रों का कहना है कि मामूली रकम के लिए सीधे निलंबन और नोटिस की कार्रवाई को कुछ अधिकारी अनुपातहीन बता रहे हैं। बहरहाल, आबकारी आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि अधिक दर पर मदिरा विक्रय गंभीर अनियमितता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।