बलरामपुर में संरक्षित वन्यजीव बार्किंग डियर का अवैध शिकार: वन विभाग ने घेराबंदी कर दबोचे दो आरोपी
बलरामपुर के सेमरसोत अभयारण्य में संरक्षित बार्किंग डियर (कोटरी) का शिकार करने वाले दो ग्रामीणों को वन विभाग ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 07 Aug 2026 02:07:53 PM (IST)Updated Date: Fri, 07 Aug 2026 02:07:53 PM (IST)
वन विभाग के साथ आरोपितHighLights
- मुखबिर की सूचना पर सेमरसोत अभयारण्य में बड़ी कार्रवाई।
- मृत कोटरी के साथ पकड़े गए परती और खटवाबरदर के ग्रामीण।
- वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दोनों भेजे गए जेल।
नईदुनिया न्यूज,बलरामपुर :सेमरसोत अभयारण्य में संरक्षित वन्यजीव बार्किंग डियर (कोटरी) के शिकार का मामला सामने आया है। वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर दो आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से मृत कोटरी भी बरामद की गई है।
वन उप निदेशक एलिफेंट रिजर्व सरगुजा अंबिकापुर श्रीनिवास तेनेटी के निर्देश पर चलाए जा रहे सघन गश्त अभियान के तहत अधीक्षक सेमरसोत बीएस भगत के मार्गदर्शन और रेंजर जगत राम मरावी के नेतृत्व में मंगलवार पांच अगस्त को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की गई। वन अमले ने अभयारण्य क्षेत्र में दबिश देकर चंदन पिता राजमल निवासी ग्राम परती और सुराजलाल पिता सत्ता,ल निवासी ग्राम खटवाबरदर को पकड़ा।
तलाशी में उनके पास से बार्किंग डियर का एक मृत शव बरामद हुआ। पूछताछ में दोनों ने अभयारण्य क्षेत्र के अंदर अवैध शिकार करना स्वीकार किया। इस पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की प्रासंगिक धाराओं के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया गया।
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आरोपितों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।वन विभाग के अनुसार शिकार में प्रयुक्त उपकरणों और मामले में शामिल अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वन्यजीवों का संरक्षण सबकी जिम्मेदारी है। शिकार या किसी भी वन अपराध की सूचना मिलते ही निकटतम वन कार्यालय को दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।