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झमाझम बारिश में पुलिस के विरुद्ध प्रदर्शन, नौ अगस्त तक गिरफ्तारी नहीं हुई तो अंबिकापुर में उग्र आंदोलन की चेतावनी

अंबिकापुर में 14 वर्षीय आदिवासी छात्रा से दुष्कर्म के आरोपित तरुण जायसवाल की गिरफ्तारी और एसटी-एससी एक्ट की मांग को लेकर सर्व आदिवासी समाज ने झमाझम बा...और पढ़ें

By Asim Sen GuptaEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Thu, 06 Aug 2026 11:02:03 AM (IST)Updated Date: Thu, 06 Aug 2026 11:02:03 AM (IST)
झमाझम बारिश में पुलिस के विरुद्ध प्रदर्शन, नौ अगस्त तक गिरफ्तारी नहीं हुई तो अंबिकापुर में उग्र आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन में शामिल लोगों से चर्चा करते पुलिस के अधिकारी

HighLights

  1. भारी बारिश के बावजूद कलेक्ट्रेट के सामने डटे रहे सर्व आदिवासी समाज के लोग।
  2. 14 वर्षीय आदिवासी छात्रा से दुष्कर्म के मुख्य आरोपित की तत्काल गिरफ्तारी का अल्टीमेटम।
  3. एसएसपी राजेश अग्रवाल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और कार्रवाई का भरोसा दिया।

नईदुनिया प्रतिनिधि,अंबिकापुर : सरगुजा जिले में 14 वर्षीय नाबालिग आदिवासी छात्रा से दुष्कर्म के मामले में आरोपित के गिरफ्तारी में देरी और एसटी-एससी एक्ट की धाराएं नहीं जोड़ने से नाराज छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज ने बुधवार को रैली निकालकर जमकर प्रदर्शन किया। बरसते पानी में भी समाज के पदाधिकारी-कार्यकर्ता सड़क पर धरने पर बैठ गए और आरोपित की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्ट्रेट के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। एसएसपी राजेश अग्रवाल खुद बारिश में भीगते हुए प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे और जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।


मालूम हो कि पीड़िता स्कूली छात्रा है। स्वजन के अनुसार 20 जुलाई 2026 की रात तरुण कुमार जायसवाल ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। प्रकरण में 22 जुलाई 2026 को कोतवाली थाना में केस किया गया है। पुलिस का दावा है कि आरोपित की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। आरोपित की गिरफ्तारी नहीं होने से समाज के लोग आक्रोशित है । सरगुजा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने आरोपित तरुण जायसवाल पर 5000 के इनाम की भी घोषणा की है।

बुधवार को सर्व आदिवासी समाज द्वारा आंदोलन की घोषणा की गई थी। उसके तहत रैली निकाल सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय जाना चाह रहे थे लेकिन कलेक्ट्रेट के मुख्य प्रवेश द्वार पर ही उन्हें रोक दिया गया था। प्रदर्शन के दौरान तेज बारिश शुरू हो गई तब प्रदर्शनकारी वहीं सड़क पर बैठकर पुलिस के विरुद्ध नारेबाजी करते रहे।

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एसटी-एससी एक्ट नहीं जोड़ने और गिरफ्तारी नहीं होने पर आक्रोश

सर्व आदिवासी समाज का आरोप है कि पीड़िता का जाति प्रमाण पत्र देने के बावजूद अब तक अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं नहीं जोड़ी गई हैं। घटना के 15 दिन बीत जाने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।समाज का कहना है कि पुलिस की कार्यप्रणाली से लग रहा है कि आरोपित को संरक्षण दिया जा रहा है। बेटियों की सुरक्षा के लिए हम चुप नहीं बैठेंगे।

आश्वासन पर आंदोलन स्थगित

प्रदर्शनकारियों के जिद पर एसएसपी राजेश अग्रवाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि पुलिस की कई टीमें आरोपित की तलाश में लगी हैं। आरोपित के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि आरोपित को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा आरोपित की गिरफ्तारी के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी गई।एसएसपी के आश्वासन के बाद समाज ने ज्ञापन सौंपकर प्रदर्शन स्थगित किया।

यह है प्रमुख मांगें

  • प्रकरण में तत्काल एसटी-एससी एक्ट की धाराएं जोड़ी जाएं।
  • आरोपित तरुण कुमार जायसवाल को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया जाए ।
  • पीड़िता को शासन के नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
  • आरोपित की संपत्ति कुर्क कर मकान पर बुलडोजर की कार्रवाई की जाए।
  • आरोपितों को संरक्षण देने वाले अधिकारियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज हो।

समाज ने चेतावनी दी है कि यदि नौ अगस्त 2026 तक मांगें पूरी नहीं हुईं तो सर्व आदिवासी समाज प्रदेश स्तर पर व्यापक आंदोलन और उग्र प्रदर्शन करेगा।