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दुर्ग नगर निगम की आर्थिक स्थिति बिगड़ी, 12 अगस्त हो गए अब तक नहीं मिला 1500 कर्मचारियों को वेतन

दुर्ग नगर निगम में पूर्णकालिक आयुक्त की नियुक्ति न होने के कारण नियमित और प्लेसमेंट कर्मचारियों का वेतन अटक गया है। प्रभारी आयुक्त के पास वित्तीय अधिक...और पढ़ें

By T Surya RaoEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Wed, 12 Aug 2026 11:24:02 AM (IST)Updated Date: Wed, 12 Aug 2026 11:28:09 AM (IST)
दुर्ग नगर निगम की आर्थिक स्थिति बिगड़ी, 12 अगस्त हो गए अब तक नहीं मिला 1500 कर्मचारियों को वेतन
दुर्ग नगर निगम के कर्मचारियों की वेतन समस्या पर आधारित विजुअल। एआई

HighLights

  1. दुर्ग निगम के 1500 कर्मचारियों को वेतन नहीं
  2. प्रभारी आयुक्त के पास नहीं हैं वित्तीय अधिकार
  3. त्योहार के समय वेतन नहीं मिलने से चिंता

नईदुनिया प्रतिनिधि, भिलाई। प्रदेश भर में आज धूमधाम से मनाए जा रहे हरेली त्योहार के साथ ही त्योहारी सीजन की शुरुआत होने जा रही है, जिसके बाद रक्षाबंधन जैसे कई प्रमुख त्योहार आने वाले हैं। ऐसे खुशी के माहौल में भी दुर्ग नगर निगम के नियमित और प्लेसमेंट कर्मचारियों के घरों में उदासी छाई हुई है। कारण साफ है कि कर्मचारियों को अब तक उनके वेतन का भुगतान नहीं मिल पाया है। त्योहार के मुहाने पर खड़े इन कर्मचारियों के लिए परिवार की जरूरतें पूरी करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

वेतन भुगतान के अटकने के पीछे मुख्य वजह निगम में पूर्णकालिक आयुक्त की अनुपस्थिति और प्रशासनिक पेच है। दुर्ग नगर निगम के पूर्व आयुक्त सुमित अग्रवाल का तबादला रायपुर हो चुका है, और उन्होंने 12 जुलाई को निगम के उपायुक्त मोहेन्द्र साहू को प्रभार सौंपा था। 12 अगस्त को प्रभारी आयुक्त को प्रभार संभाले पूरा एक महीना बीत चुका है, लेकिन उनके पास वित्तीय अधिकार न होने के कारण वे निर्माण कार्यों और भुगतान से जुड़ी फाइलों पर हस्ताक्षर करने से लगातार इनकार कर रहे हैं।


प्रभावित हो रहे हैं विकास कार्य और वेतन वितरण

इस स्थिति का असर केवल कर्मचारियों के वेतन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि निगम के तमाम विकास और निर्माण कार्य भी पूरी तरह ठप पड़े हैं। निगम में लगभग 238 नियमित और 1300 प्लेसमेंट कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सिर पर त्योहार हैं और बिना वेतन के वे कैसे खरीदारी करेंगे? स्थिति की गंभीरता को देखते हुए महापौर अलका बाघमार और एमआईसी सदस्यों ने पिछले दिनों नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव से मिलकर पूर्णकालिक आयुक्त की नियुक्ति की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।

प्रतिनिधिमंडल की उच्चाधिकारियों से मुलाकात

कर्मचारियों की इस विकट समस्या को लेकर स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ का एक प्रतिनिधिमंडल रायपुर पहुँचा। प्रदेश अध्यक्ष शरद दुबे, महामंत्री अनिल सिंग और राष्ट्रीय मंत्री संजय मिश्रा सहित अन्य पदाधिकारियों ने नगरीय प्रशासन संचालक रिजी जीयस एक्का से मुलाकात की। महामंत्री अनिल सिंग ने संचालक को स्पष्ट रूप से बताया कि वित्तीय अधिकार न होने के कारण कैसे वेतन और अन्य जरूरी भुगतान फंसे हुए हैं। इस पर संचालक ने जल्द ही उचित व्यवस्था बनाने का पूरा भरोसा दिलाया है।