
नईदुनिया प्रतिनिधि, दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई से स्वास्थ्य विभाग को सतर्क करने वाला मामला सामने आया है। यहां के सेक्टर-7 निवासी एक नौ वर्षीय बच्चे में डेंगू संक्रमण की पुष्टि हुई है। बच्चे को अचानक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर परिजनों ने तुरंत कदम उठाया और बेहतर इलाज के लिए उसे जुनवानी स्थित शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। राहत की बात यह है कि समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण बच्चा अब पूरी तरह सामान्य स्थिति में है और उसका उपचार जारी है।
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. सीबीएस बंजारे ने बताया कि शनिवार को जिला अस्पताल दुर्ग में तीन संदिग्ध मरीजों का एलिजा (ELISA) टेस्ट कराया गया था। इनमें 37 वर्षीय एक महिला के अलावा नौ और ग्यारह वर्ष के दो बच्चे शामिल थे। जांच के बाद दोनों बच्चों में से एक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, जबकि अन्य दो मरीजों की एलिजा रिपोर्ट निगेटिव आई है, जिससे स्वास्थ्य विभाग ने फिलहाल बड़ी राहत की सांस ली है।
बारिश के मौसम को देखते हुए जिले में जलजनित और कीट जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग मुस्तैद हो गया है। विभाग ने जिले के तमाम शहरी निकायों और ग्राम पंचायतों को पत्र जारी कर विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, जिन क्षेत्रों में पानी भरने की समस्या है या जलजमाव की स्थिति बन रही है, वहां प्राथमिकता के आधार पर लार्वानाशक दवाइयों और कीटनाशकों का छिड़काव करने के लिए कहा गया है ताकि संक्रमण को समय पर रोका जा सके।
दुर्ग जिले के भिलाई क्षेत्र में जुलाई-अगस्त 2018 के दौरान डेंगू ने महामारी का रूप ले लिया था। विशेष रूप से भिलाई के खुर्सीपार, सेक्टर और आसपास के इलाकों में इसका सबसे ज्यादा संक्रमण देखा गया। करीब दो सौ लोग संक्रमित हुए थे। कुछ के मारे जाने की भी पुष्टि हुई थी।