बीजापुर के CRPF कैंप पर हमले में बड़ा खुलासा, तीन गिरफ्तार माओवादियों के खिलाफ कोर्ट में पेश की चार्जशीट
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों पर हुए कायराना माओवादी हमले की जांच में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 21 Mar 2026 08:51:56 PM (IST)Updated Date: Sat, 21 Mar 2026 08:51:56 PM (IST)
बीजापुर के CRPF कैंप पर हमले में बड़ा खुलासा। (एआई से जेनरेट किया गया इमेज)HighLights
- बीजापुर के CRPF कैंप पर हमले में बड़ा खुलासा।
- गिरफ्तार माओवादियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश।
- 300 माओवादियों ने किया था समन्वित हमला।
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों पर हुए कायराना माओवादी हमले की जांच में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।
एजेंसी ने वर्ष 2024 में सीआरपीएफ कैंप पर हुए हमले के मामले में जगदलपुर की विशेष अदालत में पूरक चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस आरोप पत्र में तीन गिरफ्तार माओवादियों के साथ-साथ तीन फरार आतंकियों के नाम भी शामिल हैं।
300 माओवादियों ने किया था समन्वित हमला
16 जनवरी 2024 को प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) के लगभग 300 लड़ाकों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत बीजापुर जिले के धर्मावरम, चिंतावागु और पामेड स्थित सीआरपीएफ कैंपों पर एक साथ हमला बोला था।
माओवादियों ने नव-स्थापित कैंपों को निशाना बनाने के लिए आधुनिक हथियारों और विस्फोटकों का प्रयोग किया था। इस भीषण मुठभेड़ में सुरक्षा बल के लगभग एक दर्जन जवान घायल हुए थे, जिन्होंने अदम्य साहस का परिचय देते हुए माओवादियों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया था।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला
एनआईए द्वारा दाखिल ताजा पूरक चार्जशीट में गिरफ्तार आरोपी अवलम भीमा, मदकम नंदा और मदकम देवा उर्फ रतन को मुख्य रूप से नामजद किया गया है। जांच एजेंसी ने इनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम, भारतीय दंड संहिता, आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराओं के तहत साक्ष्य पेश किए हैं। इससे पूर्व भी एनआईए इस मामले में 17 माओवादियों के विरुद्ध चार्जशीट पेश कर चुकी है।
सुरक्षा घेरा मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम
एनआईए सूत्रों के अनुसार, इस चार्जशीट में हमले की साजिश, रसद आपूर्ति और स्थानीय नेटवर्क से जुड़े कई चौंकाने वाले राजफाश किए गए हैं। बस्तर संभाग में माओवादी नेटवर्क के लिए इसे एक बड़ा झटका माना जा रहा है। जांच एजेंसी फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रही है।