बीजापुर मुठभेड़ में दो इनामी ढेर, कांकेर में आठ लाख की इनामी महिला माओवादी का सरेंडर... विस्फोटक डंप बरामद
बीजापुर के जांगला थाना क्षेत्र में इंद्रावती नदी के पास मुठभेड़ में दो पांच-पांच लाख के इनामी माओवादी मारे गए। ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 27 Feb 2026 12:40:45 AM (IST)Updated Date: Fri, 27 Feb 2026 12:41:21 AM (IST)
मासे बारसा, डीवीसीएम कैडर माओवादी।HighLights
- बीजापुर मुठभेड़ में दो इनामी माओवादी ढेर
- कांकेर में आठ लाख की डीवीसीएम सरेंडर
- नारायणपुर में भारी विस्फोटक डंप बरामद
नईदुनिया न्यूज, बीजापुर। जांगला थाना क्षेत्र अंतर्गत इंद्रावती नदी के पास बुधवार सुबह सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में एरिया कमेटी सदस्य हिमाची मड्डा और मनकी पोडियाम मारे गए। दोनों पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस के अनुसार, पुख्ता सूचना मिलने पर संयुक्त टीम माओवादी विरोधी अभियान पर निकली थी। मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से एक एसएलआर, एक इंसास, एक 12 बोर राइफल, विस्फोटक सामग्री और माओवादी उपयोग की अन्य वस्तुएं बरामद की गईं। इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और मारे गए माओवादियों के संगठनात्मक दायित्वों की पुष्टि की जा रही है।
कांकेर में आठ लाख की इनामी ने किया आत्मसमर्पण
जगदलपुर: तेलंगाना में शीर्ष माओवादी देवजी के समर्पण के दो दिन के भीतर कांकेर जिले में तीसरे माओवादी ने आत्मसमर्पण कर दिया। आठ लाख रुपये की इनामी डिविजनल कमेटी सदस्य (डीवीसीएम) मासे बारसा ने एके-47 हथियार के साथ पुलिस के समक्ष सरेंडर किया।
बताया गया कि मासे बारसा वर्ष 2003 से दंडकारण्य, अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर क्षेत्र में सक्रिय रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शीर्ष नेतृत्व में आए संकट और लगातार सुरक्षा बलों के दबाव के कारण जमीनी कैडर का मनोबल टूट रहा है।
एक दिन पहले ही उत्तर बस्तर डिवीजन के डीवीसीएम मल्लेश और पार्टी सदस्य रानू पोडियाम ने भी हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया था।
नारायणपुर में विस्फोटक डंप बरामद
नारायणपुर: जिले के कुमुराडी क्षेत्र में 53वीं बटालियन आईटीबीपी (इंडियन-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस) और राज्य पुलिस की संयुक्त टीम ने सघन तलाशी अभियान के दौरान माओवादियों का छिपाया गया विस्फोटक डंप बरामद किया।
बरामद सामग्री में राकेट-मोर्टार सेल, बीजीएल लांचर-कारतूस, इंप्रोवाइज्ड विस्फोटक, हैंड ग्रेनेड, प्राइमा कार्ड, सेफ्टी व आरेंज फ्यूज, सुतली बम, उर्वरक पाउडर और चिकित्सकीय सामग्री शामिल है। सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है।
प्रभावी पुनर्वास नीति और निरंतर सुरक्षा दबाव के चलते माओवादी संगठन कमजोर पड़ रहा है। हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वालों के लिए सरकार की योजनाएं उपलब्ध हैं। आने वाले दिनों में और समर्पण की संभावना है।
-सुंदरराज पी., बस्तर IG