
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: ट्रेन में शौच के दौरान एक यात्री के सोने की अंगूठी बायो-टायलेट में गिर गई।तीन लाख रुपये कीमत की इस अंगूठी के लिए यात्री ने तत्काल रेल मदद पोर्टल पर सूचना देकर मदद मांगी। ट्रेन के वापस बिलासपुर पहुंचने के बाद कोचिंग डिपो में मैकेनिकल विभाग ने टायलेट से अंगूठी ढूंढकर निकाल ली। मंगलवार को यह अंगूठी यात्री को सुरक्षित लौटा दी गई है।
रेलवे के रेल मदद एप यात्रियों के लिए कारगर साबित हो रहा है। इसमें दर्ज शिकायत व सूचनाओं पर रेल प्रशासन तत्काल एक्शन लेता है। 20845 बिलासपुर–बीकानेर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के यात्री का भी सहयोग किया गया। दरअसल इस ट्रेन के एम-1 कोच में मुकेश पालीवाल नाम के एक यात्रा सफर कर रहे थे। यात्रा के दौरान उनकी सोने की अंगूठी अचानक में बायो-टायलेट में गिर गई।
परेशान यात्री ने तत्काल रेल मदद पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। सूचना मिलने के बाद मैकेनिकल विभाग सतर्क हो गया। ट्रेन के बिलासपुर पहुंचने के बाद जब परीक्षण के लिए कोचिंग डिपो पहुंची, तब विभाग की टीम ने पर संबंधित कोच के बायो-टायलेट की टैंक खोलकर जांच की। टैंक के एस-ट्रैप से अंगूठी सुरक्षित रखी हुई थी। आमतौर यह कार्य थोड़ा मुश्किल होता है। विशेष परिस्थितियों में टैंक खोलने का यह कार्य किया जाता है।
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बरामद अंगूठी को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) एवं मैकेनिकल विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में उसके वास्तविक स्वामी मुकेश पालीवाल को विधिवत सुपुर्द किया गया। अपनी बहुमूल्य अंगूठी वापस प्राप्त कर यात्री ने विशेष रूप से मैकेनिकल विभाग की तत्परता, कर्मचारियों की ईमानदारी एवं समर्पित कार्यशैली की सराहना की। रेल मदद में शिकायत करते समय ही यात्री ने अंगूठी की कीमत तीन लाख रुपये रुपये बताई थी।