
नईदुनिया न्यूज, जांजगीर : चांपा क्षेत्र के ग्राम सिवनी के युवा उद्यमी जितेंद्र यादव अपनी मेहनत, लगन और पारिवारिक विरासत को आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ाकर क्षेत्र में मिसाल बन गए हैं। उनके यहां तैयार होने वाली तंदूरी समोसा पट्टी (रा मैटेरियल) की मांग लगातार बढ़ रही है।
सिवनी से तैयार यह उत्पाद जांजगीर-चांपा, कोरबा, बिलासपुर, सक्ती सहित आसपास के कई जिलों में नियमित रूप से भेजा जाता है, जहां इससे तैयार होने वाले तंदूरी समोसे लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं। इस व्यवसाय से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग चार लाख रुपये की आमदनी हो रही है।
जितेंद्र यादव बताते हैं कि यह केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि उनके परिवार की लगभग 100 वर्ष पुरानी विरासत है। इस कार्य की शुरुआत उनके दादा स्वर्गीय फिरतराम यादव ने चांपा रेलवे स्टेशन के पास की थी। इसके बाद परिवार की दूसरी पीढ़ी ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया और अब तीसरी पीढ़ी के रूप में वे आधुनिक तकनीक, बेहतर गुणवत्ता, स्वच्छ उत्पादन व्यवस्था और नई व्यावसायिक सोच के साथ इसे नई पहचान दिला रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर
बढ़ती मांग के कारण उत्पादन का दायरा लगातार बढ़ रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण निर्माण और ग्राहकों के भरोसे ने तंदूरी समोसा पट्टी को क्षेत्र में एक अलग पहचान दिलाई है।
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सीएसपी जांजगीर व चांपा टीआई ने किया निरीक्षण
जांजगीर की नगर पुलिस अधीक्षक योगिता बाली खापर्डे एवं चांपा थाना प्रभारी अशोक वैष्णव ने उत्पादन केंद्र पहुंचकर निर्माण प्रक्रिया का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रशिक्षु उपनिरीक्षक निकिता साहू, रुकसाना बानो एवं गोपी राजपूत भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कच्चे माल, स्वच्छता, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग एवं उत्पादन प्रणाली का अवलोकन किया।
युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत है जितेंद्र
थाना प्रभारी अशोक वैष्णव ने कहा कि मेहनत, गुणवत्ता और ईमानदारी से किया गया कार्य हमेशा सफलता दिलाता है। उन्होंने कहा कि जितेंद्र यादव ने अपनी पारिवारिक विरासत को आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ाकर यह साबित किया है कि गांव से भी सफल उद्योग खड़ा किया जा सकता है। ऐसे युवा आत्मनिर्भर भारत की भावना को मजबूत करने के साथ अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं।