
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: प्रदेश में भीषण गर्मी (CG Weather Update) का असर जारी है। शुक्रवार को तापमान में हल्की गिरावट दर्ज हुई और पारा 42.8 डिग्री से घटकर 42 डिग्री पर आ गया, लेकिन इससे लोगों को राहत नहीं मिल सकी। दिनभर उमस और तेज गर्मी (Heatwave) ने लोगों को परेशान किया।
दोपहर बाद आसमान में हल्के बादल छाने से राहत की उम्मीद जगी, लेकिन गर्म हवाओं का असर बना रहा। मौसम विभाग (IMD Heat wave Alert) के अनुसार, बादल तापमान को तेजी से बढ़ने से रोक सकते हैं, लेकिन फिलहाल राहत सीमित ही रहेगी।
प्रदेश के ऊपर कई मौसमी तंत्र सक्रिय हैं। उत्तर बिहार से दक्षिण छत्तीसगढ़ तक द्रोणिका फैली है। वहीं, उत्तर तटीय उड़ीसा के पास चक्रवाती परिसंचरण और महाराष्ट्र-तेलंगाना के ऊपर प्रति चक्रवात बना हुआ है। इन कारणों से मौसम में हलचल बनी हुई है और आंशिक बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
मौसम विशेषज्ञ अब्दुल सिराज खान के अनुसार, अगले चार से पांच दिनों तक बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन मध्य छत्तीसगढ़ में ग्रीष्म लहर जैसी स्थिति बनी रहेगी। खासकर दोपहर में बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है।
राजनांदगांव जिले में तापमान 44 डिग्री तक पहुंच गया है और यह प्रदेश का सबसे गर्म स्थान बन गया है। मौसम विभाग ने यहां येलो अलर्ट जारी किया है। आने वाले दिनों में तापमान 45 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है।
वर्ष 2025 में 22 अप्रैल को तापमान 45.5 डिग्री दर्ज किया गया था, जिसने 50 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 24 अप्रैल से तापमान और बढ़ेगा और माह के अंत तक यह स्थिति बनी रह सकती है।
भीषण गर्मी का असर स्वास्थ्य, बाजार और बिजली व्यवस्था पर दिख रहा है। डिहाइड्रेशन और बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं। बाजारों में दिन में सन्नाटा रहता है, जबकि बिजली की मांग बढ़ने से ट्रांसफार्मर पर दबाव बढ़ रहा है।