• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
  • user
मेरी खबरेंuser
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • त्विषा शर्मा केस
  • भोजशाला पर फैसला
  • ए आई बूटकैंप
  • एलपीजी संकट
  • गर्मी का मौसम
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • बिलासपुर

रामायण का चंदा नहीं देने पर बुजुर्ग का सामाजिक बहिष्कार, पीड़ित ने दी आत्मदाह चेतावनी

यही नहीं, गांव में पीड़ित से संबंध रखने या बातचीत करने वाले किसी भी व्यक्ति पर 2,500 रुपये का भारी जुर्माना तय किया गया है, जिसके तहत गांव के तीन ग्रा...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Wed, 08 Jul 2026 11:39:16 PM (IST)Updated Date: Wed, 08 Jul 2026 11:44:15 PM (IST)
रामायण का चंदा नहीं देने पर बुजुर्ग का सामाजिक बहिष्कार, पीड़ित ने दी आत्मदाह चेतावनी
पीड़ित संतोष कुमार साहू।

HighLights

  1. पीड़ित ने कलेक्टर और एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई है।
  2. रतनपुर पुलिस की निष्क्रियता पर पीड़ित ने दी आत्मदाह चेतावनी।
  3. यहां पर ग्रामवासियों ने उनका सामाजिक बहिष्कार कर दिया है।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम नवागांव मोहदा निवासी पीड़ित संतोष कुमार साहू ने कलेक्टर व एसएसपी से लिखित शिकायत कर न्याय की मांग की है।

पीड़ित का आरोप है कि वर्ष 2023 में नवधा रामायण का चंदा न दे पाने के कारण ग्रामवासियों ने उनका सामाजिक बहिष्कार कर दिया है। पीड़ित परिवार गंभीर मानसिक और आर्थिक संकट से जूझ रहा है।

रतनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम नवागांव पोड़ी मोहदा में संतोष कुमार साहू ने सामाजिक बहिष्कार और हुक्का-पानी बंद करने की शिकायत की है।

पीड़ित संतोष कुमार साहू (57) ने कलेक्टर संजय अग्रवाल व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के साथ ही और पिछड़ा वर्ग आयोग बिलासपुर को स्पीड पोस्ट के माध्यम से शिकायती पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।

पीड़ित ने बताया कि मई 2023 में गांव के लोग नवधा रामायण के लिए चंदा लेने आए थे। आर्थिक स्थिति अत्यंत खराब होने के कारण जब वे चंदा नहीं दे पाए, तो 25 मई 2023 को ग्रामीणों ने बैठक बुलाई।

बैठक में पीड़ित पर हुक्का-पानी, बातचीत, खेती-किसानी, रोजी-मजदूरी और अधिया-ठेका करने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया।

यही नहीं, गांव में पीड़ित से संबंध रखने या बातचीत करने वाले किसी भी व्यक्ति पर 2,500 रुपये का भारी जुर्माना तय किया गया है, जिसके तहत गांव के तीन ग्रामीणों को दंडित भी किया जा चुका है।

पीड़ित निःसंतान हैं और वे अपनी बीमार पत्नी के साथ अकेले रहते हैं। प्रतिबंधों के कारण वे अपने ही खेत में खेती नहीं कर पा रहे हैं।

स्थानीय पुलिस द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने से दुखी होकर पीड़ित ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो उनके पास आत्महत्या के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचेगा।