
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: जिला मुख्यालय से करीब 11 किलोमीटर दूर लोफंदी गांव में दवा समझकर कीटनाशक पीने से 55 वर्षीय किसान की मौत हो गई। शनिवार सुबह उसने घर में रखे कीटनाशक को दवा समझकर पी लिया। कुछ देर बाद मुंह कड़वा लगने और सीने में जलन होने पर उसने स्वजन को इसकी जानकारी दी। परिवार के लोग तत्काल उसे उपचार के लिए सिम्स लेकर पहुंचे। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। कोनी पुलिस ने शव का पीएम कराया है। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
कोनी टीआइ जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि ग्राम लोफंदी देवांगन पारा में रहने वाले राजकुमार पटेल(55) किसान थे। स्वजन ने बताया कि एक हादसे में उनकी आंखों की रोशन चली गई थी। इसके बाद से वे घर पर ही रहते थे। कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब थी। इसका इलाज कराया जा रहा था।
स्वजन ने घर पर उनकी दवाएं लाकर रखी थी। शनिवार की सुबह उन्होंने दवा समझकर कीटनाशक पी लिया। कुछ देर बाद मुंह कड़वा और सीने में जलन होने पर उन्होंने स्वजन को बताया। तब उन्होंने दवा के पास देखा तो वहां कीटनाशक का डिब्बा भी था। तब स्वजन उन्हें तत्काल सिम्स लेकर आए।
सिम्स में भर्ती करने के बाद करीब दो घंटे तक राजकुमार की स्थिति सामान्य रही। डाक्टर उनका इलाज कर रहे थे, इसी दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर कोनी पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर जानकारी ली और मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। बताया गया कि राजकुमार किसान परिवार से था और घर में खेती-किसानी से संबंधित कीटनाशक रखा हुआ था।
इसी कीटनाशक को उसने दवा समझकर पी लिया। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कीटनाशक किस स्थान पर रखा था और राजकुमार ने उसे किस परिस्थिति में दवा समझ लिया। राजकुमार की जिंदगी में यह दूसरी बड़ी त्रासदी है। करीब दो साल पहले फरवरी 2025 उसने जहरीली शराब पी ली थी।
इसके बाद उनकी आंखों की रोशनी चली गई थी। रायपुर में उनका उपचार कराया गया, लेकिन आंखों की रोशनी वापस नहीं आ सकी। इसके बाद वे दृष्टिबाधित होकर जीवन गुजार रहा था। अब गलती से कीटनाशक पीने की घटना ने परिवार को गहरा सदमा दिया है। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मर्ग जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मौत के कारणों की पुष्टि की जाएगी। फिलहाल स्वजन के बयान और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
राजकुमार पटेल करीब दो साल पहले भी जहरीली शराब की चपेट में आ चुके थे। शराब पीने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और उनकी आंखों की रोशनी चली गई। परिवार के लोगों ने उनका रायपुर में उपचार कराया। काफी इलाज के बावजूद उनकी आंखों की रोशनी वापस नहीं आ सकी। इसके बाद राजकुमार दृष्टिबाधित हो गए थे। परिवार के अनुसार वे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में स्वजन की मदद लेते थे। शनिवार को घर में रखे कीटनाशक को उन्होंने दवा समझकर पी लिया। इस घटना के बाद परिवार पर एक बार फिर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
शनिवार सुबह राजकुमार ने घर में रखे कीटनाशक को दवा समझकर पी लिया। कुछ समय बाद उन्हें मुंह में कड़वापन महसूस हुआ और सीने में जलन होने लगी। तब उन्होंने घर के लोगों को इसकी जानकारी दी। स्वजन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए उसे तत्काल सिम्स पहुंचाया। अस्पताल में डाक्टरों ने इलाज शुरू किया। शुरुआती करीब दो घंटे तक उनकी स्थिति सामान्य रही। इसके बाद उपचार के दौरान उनकी हालत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई। अस्पताल से सूचना मिलने के बाद कोनी पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की है।
राजकुमार का परिवार खेती-किसानी से जुड़ा हुआ है। घर में खेती के काम के लिए कीटनाशक रखा हुआ था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि राजकुमार ने इसी कीटनाशक को दवा समझकर पी लिया। घटना के बाद पुलिस यह जानकारी जुटा रही है कि कीटनाशक घर में किस जगह रखा था और वह राजकुमार की पहुंच में कैसे आया। पुलिस स्वजन के बयान दर्ज कर रही है। साथ ही मर्ग जांच की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मौत की परिस्थितियों को लेकर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
लोफंदी में दो साल पहले जहरीली शराब पीने से आठ ग्रामीणों की मौत का मामला सामने आया था। छह फरवरी को दो, सात फरवरी को पांच और आठ फरवरी को एक ग्रामीण ने दम तोड़ा था। मृतकों में देवकुमार पटेल, उनके बड़े भाई कन्हैया पटेल, कोचिए कोमल लहरे, बलदेव पटेल, शत्रुहन देवांगन, कोमल देवांगन, रामू सुनहले और बुधराम पटेल शामिल थे।
ग्रामीणों ने मौत की वजह जहरीली शराब बताई थी। वहीं प्रशासन ने इससे इन्कार करते हुए एक मौत सर्पदंश, तीन हार्ट अटैक और चार मौतें विवाह समारोह में फूड प्वाइजनिंग से होने की बात कही थी। छह शवों का बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार हो गया था।