अंकसूची-माइग्रेशन अब एक क्लिक पर, लोक सेवा गारंटी के दायरे में आया CGBSE, 60 दिन की मियाद तय
छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग ने माध्यमिक शिक्षा मंडल से जुड़ी महत्वपूर्ण सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत शामिल कर दिया है। अब डुप्लीकेट अंकसू...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 05 Oct 2026 10:50:52 PM (IST)Updated Date: Mon, 05 Oct 2026 10:50:52 PM (IST)
प्रतीकात्मक चित्र (एआइ निर्मित)HighLights
- डुप्लीकेट अंकसूची व माइग्रेशन अब लोक सेवा गारंटी में शामिल।
- ऑनलाइन आवेदन के 60 दिनों के भीतर उपलब्ध होंगे दस्तावेज।
- तय समय पर काम न होने पर जिम्मेदार लिपिक-अफसर पर पेनल्टी।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुरः माध्यमिक शिक्षा मंडल से जुड़े शैक्षणिक दस्तावेज हासिल करने के लिए अब छात्रों को महीनों तक दफ्तरों की धूल नहीं फांकनी पड़ेगी। राज्य शासन ने डुप्लीकेट अंकसूची, माइग्रेशन और उत्तरपुस्तिका की जांच जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं को लोक सेवा गारंटी के कानूनी दायरे में ला दिया है। अब घर बैठे केवल एक क्लिक से आवेदन होगा और निर्धारित 60 दिन में दस्तावेज सीधे छात्रों के हाथों में होंगे।
कालेज में दाखिला हो, छात्रवृत्ति की औपचारिकता या सेना और पुलिस की भर्ती प्रक्रिया हो, अंकसूची या माइग्रेशन प्रमाण-पत्र खो जाने पर छात्रों के सामने करियर का गंभीर संकट खड़ा हो जाता है। अब तक मंडल मुख्यालय रायपुर या संभागीय कार्यालयों के चक्कर काट-काटकर छात्र और अभिभावक हलकान होते रहते थे।
कई बार तो दस्तावेज मिलने तक दाखिले और भर्ती की अंतिम तारीख ही निकल जाती थी। अमानवीय लेटलतीफी को पूरी तरह समाप्त करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब डुप्लीकेट अंकसूची, डुप्लीकेट माइग्रेशन, उत्तरपुस्तिकाओं की पुनर्गणना, पुनर्मूल्यांकन और प्रमाणित फोटोकापी जैसी जरूरी सेवाएं लोक सेवा गारंटी अधिनियम के कड़े नियमों के तहत बांधी गई हैं।
छात्र सीधे पोर्टल पर आनलाइन आवेदन कर सकेंगे। नियमों के तहत आवेदन दर्ज होते ही अधिकतम 60 कार्य दिवसों की उल्टी गिनती शुरू हो जाएगी। यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर दस्तावेज जारी नहीं किए गए, तो संबंधित शाखा प्रभारी और पटल लिपिक के खिलाफ सीधी दंडात्मक कार्रवाई होगी और उनके वेतन से जुर्माना काटा जाएगा। यह व्यवस्था शिक्षा तंत्र में जवाबदेही तय करने और युवाओं के बहुमूल्य समय की हिफाजत करने में मील का पत्थर साबित होगी।
भर्ती-प्रवेश की तारीखें नहीं छूटेंगी, घर बैठे मिलेगा समाधान
अब तक डुप्लीकेट अंकसूची हासिल करने में तीन से छह महीने का समय लग जाता था, जिससे कई होनहारों का साल बर्बाद हो जाता था। अब लोक सेवा गारंटी में 60 दिन की कानूनी बाध्यता होने से छात्रों को मानसिक तनाव से पूरी तरह मुक्ति मिलेगी और वे बेफिक्र होकर अपने भविष्य व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।
कापी दबाने का खेल खत्म, 60 दिन में सामने होगी उत्तरपुस्तिका
परीक्षा परिणामों के बाद पुनर्मूल्यांकन या उत्तरपुस्तिका की फोटोकापी के लिए छात्रों को महीनों इंतजार कराया जाता था। कई बार कापियां गुम होने या दबाने की शिकायतें आती थीं। अब 60 दिवस की सख्त समय-सीमा तय होने से मूल्यांकन व्यवस्था पारदर्शी बनेगी और एक-दो नंबर से पिछड़ने वाले छात्रों को समय पर न्याय मिल सकेगा।