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नईदुनिया प्रतिनिधि , बिलासपुर। शहर में बुधवार को दिनभर तेज वर्षा नहीं हुई, लेकिन बीच-बीच में रुक-रुककर पड़ती रिमझिम फुहारों और वातावरण में बनी नमी ने पूरे शहर को सावन जैसा अहसास कराया। बादलों की आवाजाही के बीच मौसम लगातार सुहाना बना रहा। मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में सक्रिय मानसूनी परिस्थितियां बनी हुई हैं। इसके चलते आगामी दिनों में भी वर्षा की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
बुधवार को बिलासपुर में पूरे दिन घने बादलों की मौजूदगी और बीच-बीच में पड़ती हल्की फुहारों के कारण लोगों को उमस से राहत मिली। तेज वर्षा नहीं होने के बावजूद वातावरण में नमी बनी रही और दिनभर मौसम खुशनुमा बना रहा। आषाढ़ के अंतिम दौर में शहरवासियों को सावन जैसा एहसास हुआ।
मौसम विभाग के अनुसार मानसून द्रोणिका बीकानेर, बनस्थली विद्यापीठ, गुना, दमोह, पेंड्रा रोड, मिदनापुर होते हुए उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक विस्तारित है तथा इसकी ऊंचाई 3.1 किलोमीटर तक बनी हुई है। इसके अलावा उत्तर मध्य प्रदेश के मध्य भाग पर 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। वहीं 22 डिग्री उत्तर अक्षांश पर 5.8 से 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक पूर्व-पश्चिम शियर जोन भी प्रभावी है।
मौसम विभाग के मुताबिक इन सभी प्रणालियों के प्रभाव से 23 जुलाई को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। एक-दो स्थानों पर वज्रपात और भारी वर्षा के भी आसार हैं। भारी वर्षा का मुख्य क्षेत्र मध्य छत्तीसगढ़ रहेगा, जबकि बिलासपुर में वर्तमान जैसा मौसम बने रहने की संभावना जताई गई है। पिछले 24 घंटे में शहर में लगभग 35 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। दिन का अधिकतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 5.4 डिग्री कम था। वहीं पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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सक्रिय मानसून के संकेत क्या बताते हैं
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून द्रोणिका का 3.1 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित रहना सक्रिय मानसून का संकेत माना जाता है। इसके प्रभाव से लगातार नमी मिलती रहती है और प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां बनी रहती हैं। चक्रवाती परिसंचरण और शियर जोन जैसी मौसमी प्रणालियां भी बादलों के निर्माण और वर्षा को अनुकूल परिस्थितियां प्रदान करती हैं।
तापमान सामान्य से काफी नीचे रहा
बिलासपुर में अधिकतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.4 डिग्री कम रहा। इसके बावजूद यह पूरे प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान रहा। दूसरी ओर पेंड्रा रोड सबसे ठंडा क्षेत्र रहा, जहां न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। तापमान में आई गिरावट ने लोगों को गर्मी और उमस से राहत दिलाई।