• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • दतिया उपचुनाव
  • सावन माह
  • मानसून
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • ए आई बूटकैंप
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • बिलासपुर

सस्ते पनीर का खेल खत्म! मिलावट पर कार्रवाई होते ही बिलासपुर में दोगुनी हुई दूध की मांग

बिलासपुर में खाद्य विभाग द्वारा एनालाग (नकली) पनीर पर की गई छापेमारी के बाद डेयरी कारोबार में खलबली मच गई है। सस्ते और मिलावटी पनीर की बिक्री रुकने से...और पढ़ें

By Dhirendra Kumar SinhaEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Fri, 07 Aug 2026 11:14:18 AM (IST)Updated Date: Fri, 07 Aug 2026 11:14:18 AM (IST)
सस्ते पनीर का खेल खत्म! मिलावट पर कार्रवाई होते ही बिलासपुर में दोगुनी हुई दूध की मांग
प्रतीकात्मक चित्र

HighLights

  1. एनालाग पनीर पर कार्रवाई से बाजार में हलचल।
  2. : बिलासपुर में रोजाना 40 हजार लीटर दूध की खपत।
  3. सस्ते और मिलावटी उत्पादों से सावधान रहने की अपील।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। खाद्य एवं औषधि विभाग की जांच में एनालाग पनीर मिलने के बाद शहर का डेयरी कारोबार अचानक सुर्खियों में आ गया है। विभाग ने कई प्रतिष्ठानों से नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं और डेयरी संचालकों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि मिलावट मिलने पर दुकानें सील कर दी जाएंगी। कार्रवाई का असर यह है कि अब शुद्ध पनीर बनाने के लिए दूध की मांग में अचानक बड़ा उछाल आया है। मांग डबल हो गई है। गुरुवार को देर रात तक दूग्ध विक्रेताओं एवं डेयरी संचालकों के पास फोन घनघानते रहे।

खाद्य एवं औषधि विभाग की सख्ती के बाद बिलासपुर में डेयरी कारोबार का पूरा गणित बदलता नजर आ रहा है। विभाग ने हाल ही में डेयरी संचालकों की बैठक लेकर स्पष्ट कर दिया कि आने वाले दिनों में जांच अभियान और तेज होगा। विभिन्न दुकानों से पनीर के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। यदि कहीं एनालाग पनीर या किसी प्रकार की मिलावट पाई गई तो संबंधित दुकान को तत्काल सील करने की कार्रवाई की जाएगी।


कार्रवाई का असर बाजार में साफ दिखाई देने लगा है। जिन दूध विक्रेताओं से पहले प्रतिदिन 30 से 50 लीटर दूध खरीदा जाता था, वहां अब 80 से 100 लीटर तक अतिरिक्त दूध की मांग पहुंच रही है। जानकारी के अनुसार बिलासपुर में अंबिकापुर मार्ग से उत्तर प्रदेश से बड़ी मात्रा में कृत्रिम पनीर पहुंचता रहा है।

दूध उत्पादक संघ पहले भी जिला प्रशासन को अवगत करा चुका है कि बाजार में 200 से 250 रुपये प्रति किलो बिकने वाला पनीर शुद्ध होना संभव नहीं है। एक किलो शुद्ध पनीर तैयार करने में कम से कम सात लीटर दूध लगता है। केवल थोक दूध की कीमत के आधार पर ही इसकी लागत 315 से 350 रुपये बैठती है। गैस, श्रम और अन्य खर्च जोड़ने पर शुद्ध पनीर की वास्तविक कीमत 360 से 380 रुपये प्रति किलो होती है। ऐसे में बेहद कम कीमत पर बिकने वाला पनीर जांच के दायरे में आना स्वाभाविक माना जा रहा है।

यह भी पढ़ें- गैस की कालाबाजारी पर लगेगी रोक, 180 मिनट में मिलेगा 10 किलो का नया सिलेंडर: बिलासपुर में नई सुविधा शुरू

क्या होता है एनालाग पनीर?

अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के फूड प्रोसेसिंग विभाग के विशेषज्ञ प्रो.सौमित्र तिवारी का कहना है कि एनालाग पनीर दूध से बनने वाले पारंपरिक पनीर का विकल्प होता है। इसे कई बार वनस्पति तेल, स्किम्ड मिल्क पाउडर, स्टार्च, इमल्सीफायर और अन्य खाद्य रसायनों की मदद से तैयार किया जाता है। देखने और पकाने में यह सामान्य पनीर जैसा लगता है, लेकिन इसकी पौष्टिकता और गुणवत्ता शुद्ध दूध से बने पनीर जैसी नहीं होती। यदि इसे गलत तरीके से शुद्ध पनीर बताकर बेचा जाए तो यह खाद्य धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है।

एनालाग पनीर से हो सकते हैं ये नुकसान

  • पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
  • अत्यधिक प्रोसेस्ड फैट से हृदय पर असर पड़ सकता है।
  • प्रोटीन की मात्रा शुद्ध पनीर से कम हो सकती है।
  • बच्चों और बुजुर्गों को अपेक्षित पोषण नहीं मिल पाता।
  • मिलावटी सामग्री होने पर एलर्जी व अन्य स्वास्थ्य समस्या।

शुद्ध पनीर की पहचान और खूबियां

शुद्ध पनीर में प्राकृतिक दूध की खुशबू होती है। यह हल्का मुलायम, लचीला और दबाने पर आसानी से टूटता नहीं है। इसमें उच्च गुणवत्ता का प्रोटीन, कैल्शियम, फॉस्फोरस और विटामिन-बी पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। शुद्ध पनीर पकने पर रबर जैसा नहीं बनता और स्वाद में प्राकृतिक मिठास महसूस होती है। पौष्टिक भोजन के लिए यह महत्वपूर्ण दुग्ध उत्पाद माना जाता है।

बिलासपुर का डेयरी कारोबार

बिलासपुर शहर में प्रतिदिन लगभग 40 हजार लीटर दूध की खपत होती है। शहर में 256 डेयरियां संचालित हैं। स्थानीय उत्पादन के अलावा आसपास के गांवों तथा दूसरे जिलों से भी प्रतिदिन बड़ी मात्रा में दूध पहुंचता है। होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकानें, केटरिंग व्यवसाय और घरेलू उपभोक्ता इस खपत का बड़ा हिस्सा हैं। पनीर की मांग बढ़ने के साथ दूध की आपूर्ति भी बढ़ाई जा रही है।

सस्ते पनीर से रहें सबसे ज्यादा सावधान

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बाजार में पनीर 200 से 250 रुपये प्रति किलो मिल रहा है तो उपभोक्ताओं को सतर्क हो जाना चाहिए। इतनी कीमत में शुद्ध पनीर तैयार करना आर्थिक रूप से संभव नहीं है। खरीदारी करते समय विश्वसनीय दुकान, बिल, निर्माण तिथि और गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए। शादी-ब्याह और बड़े आयोजनों के लिए भी कम कीमत के बजाय प्रमाणित और भरोसेमंद पनीर को प्राथमिकता देना सुरक्षित विकल्प माना जाता है।

वर्जन

खाद्य एवं औषधि विभाग की कार्रवाई का सकारात्मक असर बाजार में दिखाई देने लगा है। डेयरियों की ओर से दूध की मांग दोगुनी हो गई हैं। शुद्ध पनीर की लागत 360 से 380 रुपये प्रति किलो से कम नहीं पड़ती, इसलिए 200 से 250 रुपये प्रति किलो बिकने वाला पनीर संदेह के दायरे में है। विभाग की लगातार जांच से मिलावटी पनीर के कारोबार पर रोक लगेगी और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण व सुरक्षित दुग्ध उत्पाद मिल सकेंगे। साथ ही स्थानीय दुग्ध उत्पादकों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।

- मुकेश मिश्रा, अध्यक्ष, जिला दुग्ध उत्पादक संघ बिलासपुर