
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में अंधविश्वास और लालच का फायदा उठाकर धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। बिल्हा पुलिस ने सरपंच पति और तीन महिलाओं समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने एक व्यक्ति से ढाई लाख रुपये को ढाई करोड़ बनाने का झांसा देकर ठगी की थी। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है, जबकि मुख्य आरोपी (ढोंगी तांत्रिक) अभी फरार है।
बिल्हा थाना प्रभारी अवनीश पासवान के अनुसार, कोरिया (बैकुंठपुर) जिले के चरचा थाना अंतर्गत शरडी पांडुपारा निवासी पीड़ित शिवकुमार चेरवा (52) ने इस धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि उसके परिचित राजीव ने रुपये डबल करने का लालच देकर उसे ढाई लाख रुपये तैयार रखने को कहा था। 31 दिसंबर को पीड़ित अपने साथियों के साथ बिलासपुर के बिल्हा चौक पहुंचा, जहां उसे बिमला गोंड, बृहस्पति, ब्रिज बाई, विजय राज और एक कथित 'गुरुजी' मिले। तांत्रिक ने दावा किया कि वह ढाई लाख के ढाई करोड़ रुपये बना देगा।
गिरोह पीड़ित को ग्राम संबलपुरी स्थित सरपंच के घर ले गया, जहां सरपंच पति रिखिराम नवरंग पहले से मौजूद था। गिरोह के कुछ सदस्य पीड़ित को कार में बाहर छोड़कर खुद घर की छत पर पूजा-पाठ के बहाने चले गए। रात करीब 10 बजे पीड़ित को बताया गया कि तांत्रिक थाली में रुपये रखकर मंत्रोच्चार कर रहा है। कुछ देर बाद जब पीड़ित और उसके साथी छत पर पहुंचे, तो वहां रखे रुपये गायब थे।
पूछताछ करने पर ढोंगी तांत्रिक ने पीड़ित को गुमराह किया कि रुपये श्मशान घाट में मिलेंगे। वह सरपंच पति रिखिराम और एक अन्य साथी विपिन को लेकर श्मशान पहुंचा, लेकिन वहां से उन्हें वापस घर भेज दिया और खुद मौका पाकर फरार हो गया। जब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और गिरोह के अन्य सदस्य भी भागने लगे, तब मामले की शिकायत पुलिस से की गई।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए घेराबंदी कर सरपंच पति रिखिराम नवरंग और गिरोह की तीन महिलाओं सहित कुल पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की टीमें अब उस कथित 'गुरुजी' की तलाश में जुटी हैं, जो रुपये लेकर फरार हुआ है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे इस तरह के अंधविश्वास और रुपये दोगुने करने वाले झांसे में न आएं।
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