बिलासपुर सीयू में पेपर लीक पर बवंडर! निरस्त हुई परीक्षा, रिपोर्ट सार्वजनिक करने पर अड़े छात्र
सीयू में पेपर लीक पर बड़ा प्रशासनिक मोड़: गुरु घासीदास केंद्रीय विवि ने निरस्त की BA-LLB की परीक्षा, 27 जुलाई से नया टाइम-टेबल; छात्रों का हंगामा, कहा...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 23 Jul 2026 08:48:59 AM (IST)Updated Date: Thu, 23 Jul 2026 08:48:59 AM (IST)
HighLights
- पोर्टल हैक नहीं, आईडी-पासवर्ड का हुआ दुरुपयोग; डीन मोहापात्रा पहले ही हटाए गए
- "कुछ दोषियों की सजा पूरे बैच को क्यों?": छात्रों ने दी आंदोलन की चेतावनी
- जांच रिपोर्ट छिपाकर क्यों ली जा रही परीक्षा? बिलासपुर केंद्रीय विवि में छात्रों का जोरदार प्रदर्शन
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में प्रश्नपत्र लीक प्रकरण ने आखिरकार बड़ा प्रशासनिक मोड़ ले लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बीए-एलएलबी छठवें सेमेस्टर की मई में आयोजित मुख्य परीक्षा निरस्त कर नई तिथि घोषित कर दी है। इस निर्णय के बाद छात्र-छात्राओं में नाराजगी बढ़ गई है।
उनका कहना है कि बिना जांच रिपोर्ट सार्वजनिक किए दोबारा परीक्षा का निर्णय न्यायसंगत नहीं है और दोषियों पर पहले कार्रवाई होनी चाहिए। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में बीए-एलएलबी छठवें सेमेस्टर की परीक्षा सात से 28 मई के बीच आयोजित हुई थी। इसी दौरान समर्थ पोर्टल से प्रश्नपत्र और गोपनीय दस्तावेज बाहर आने की शिकायतें सामने आईं, जिसके बाद विश्वविद्यालय ने पांच सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित की। समिति ने छह जून को अपनी रिपोर्ट कुलपति प्रो. आलोक चक्रवाल को सौंप दी थी। करीब डेढ़ महीने बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा निरस्त कर नई समय-सारिणी जारी कर दी, जिसके अनुसार 27 जुलाई से पुनर्परीक्षा आयोजित की जाएगी।
इस निर्णय के विरोध में ला विभाग के विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रार प्रो. अश्वनी दीक्षित को ज्ञापन सौंपकर जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और पुनर्परीक्षा संबंधी निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की। विद्यार्थियों का कहना है कि यदि कुछ लोगों की गलती है तो उसका खामियाजा पूरे बैच को क्यों भुगतना पड़े। जांच में सामने आया कि समर्थ पोर्टल हैक नहीं हुआ था, लागिन आईडी और पासवर्ड के दुरुपयोग से प्रश्नपत्र और अन्य गोपनीय सामग्री लीक हुई। समिति ने पुलिस जांच की भी अनुशंसा की है। इसके बाद विभागीय जांच समिति गठित की गई, जिसमें प्रो. एससी. श्रीवास्तव, प्राक्टर प्रो. मुकेश कुमार सिंह, प्रो. खेमचंद देवांगन, ओएसडी प्रो. भारती अहिरवार तथा सहायक कुलसचिव (परीक्षा) टीपी. सिंह को शामिल किया गया है।
पहले भी हुई थी बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई
प्रश्नपत्र लीक विवाद सामने आने के बाद विश्वविद्यालय ने ला विभाग के तत्कालीन विभागाध्यक्ष एवं डीन प्रो. सुधांशु रंजन मोहापात्रा को पद से हटा दिया था। उनकी जगह इतिहास विभाग के प्रो. प्रवीण मिश्रा को ला विभाग का नया विभागाध्यक्ष और डीन बनाया गया। विद्यार्थियों ने पूरे मामले की शिकायत राष्ट्रपति तक भेजकर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग भी की थी।
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छात्रों की मांग, पहले रिपोर्ट सार्वजनिक हो
विभाग के विद्यार्थियों का कहना है कि जिस फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा निरस्त की गई, उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि पारदर्शिता बनाए बिना फिर से कराना उचित नहीं है। छात्रों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने तथा परीक्षा निरस्त करने के आदेश पर पुनर्विचार की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने की चेतावनी भी दी है।
फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर निर्णय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने आवश्यक निर्णय लिया है। विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाई जा रही है। विभागीय जांच भी जारी है और संबंधित तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 27 जुलाई से बीए-एलएलबी छठवें सेमेस्टर की परीक्षा आयोजित होगी। प्रो.मनीष श्रीवास्तव मीडिया सेल प्रभारी,गुरु घासीदास केंद्रीय विवि