• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • दतिया उपचुनाव
  • सावन माह
  • मानसून
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • ए आई बूटकैंप
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • दुर्ग

छत्तीसगढ़ में बाल श्रम पर एक्शन... दुर्ग में 7 नाबालिग बच्चों का रेस्क्यू, मशरूम फैक्ट्री में ले जाने की थी तैयारी

चाइल्ड लाइन दुर्ग, स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट (एसजेपीयू) और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा बुधवार रात रेस्क्यू किए गए 16 बच्चों में से सात नाबालिग निकले...और पढ़ें

By Mahendra Kumar SahuEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Thu, 06 Aug 2026 08:14:33 PM (IST)Updated Date: Thu, 06 Aug 2026 08:14:33 PM (IST)
छत्तीसगढ़ में बाल श्रम पर एक्शन... दुर्ग में 7 नाबालिग बच्चों का रेस्क्यू, मशरूम फैक्ट्री में ले जाने की थी तैयारी
दुर्ग में 7 नाबालिग बच्चों का रेस्क्यू (ये तस्वीर एआई से बनाई गई है)

HighLights

  1. दुर्ग बस स्टैंड से रेस्क्यू किए गए 16 बच्चों में 7 नाबालिग निकले
  2. मशरूम फैक्ट्री में बाल श्रम के लिए ले जाए जा रहे थे बच्चे
  3. यूपी निवासी आरोपी हिरासत में, मानव तस्करी की जांच जारी

नईदुनिया प्रतिनिधि, दुर्ग। चाइल्ड लाइन दुर्ग, स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट (एसजेपीयू) और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा बुधवार रात रेस्क्यू किए गए 16 बच्चों में से सात नाबालिग निकले। रेस्क्यू किए गए बच्चे कबीरधाम और राजनांदगांव जिले के हैं।

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि इन्हें कचांदुर स्थित मॉडर्न एग्रो मशरूम फैक्ट्री में काम दिलाने लाया जा रहा था। प्रशासन द्वारा सात नाबालिग बच्चों को बाल आश्रय गृह भेज दिया गया। वहीं मामले को लेकर राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्यों ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई किए जाने की बात कही है। पुलिस का कहना है कि मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग की रिपोर्ट पर कार्रवाई की जाएगी।

दुर्ग बस स्टैंड के पास चलाया गया रेस्क्यू ऑपरेशन

रायपुर के भाठागांव बस स्टैंड से एक बस में 16 नाबालिग बच्चों को बाल श्रम के लिए ले जाए जाने की सूचना मिलने पर छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग और विशेष किशोर पुलिस इकाई (एसजेपीयू) ने संयुक्त अभियान चलाकर उन्हें बुधवार रात दुर्ग बस स्टैंड के पास सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।


घटना के संबंध में छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा को सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही आयोग ने तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन और स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट (एसजेपीयू) को सक्रिय किया।

दस्तावेजों की जांच और परिजनों को सूचना, 7 बच्चों को भेजा गया बाल आश्रय गृह

चाइल्ड लाइन दुर्ग के जिला परियोजना समन्वयक चंद्रप्रकाश पटेल ने बताया कि रेस्क्यू किए गए बच्चों के पास उपलब्ध दस्तावेजों की जांच कर उनसे अलग-अलग पूछताछ की गई। इसके बाद सात नाबालिगों को गुरुवार सुबह बालक कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। नाबालिग बच्चों को बाल आश्रय गृह भेजने के साथ ही उनके स्वजनों को भी सूचना दे दी गई है।

जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि अन्य नौ में से सात लोग कचांदुर स्थित मशरूम फैक्ट्री में पहले भी काम कर चुके हैं। वहीं नाबालिग बच्चों का कहना था कि उन्हें कहां ले जाया जा रहा है, इसकी जानकारी नहीं थी।

उत्तर प्रदेश का व्यक्ति बच्चों को लेने पहुंचा था दुर्ग

चाइल्ड लाइन के अधिकारियों ने यह भी बताया कि उक्त बच्चों को रमेश कुमार नामक व्यक्ति लेने के लिए दुर्ग बस स्टैंड पहुंचा था। रमेश कुमार नसीमपुर जिला चंदौली उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मामले में रमेश कुमार से भी पूछताछ की जा रही है।

यह भी पढ़ें- चीन में दिखेगा छत्तीसगढ़ी बेटियों का दम... एशिया कप के लिए गीता और मधु का भारतीय टीम में चयन

वहीं राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य विपिन कुमार ने कहा है कि इस प्रकरण में बाल श्रम ही नहीं मानव तस्करी के मामले में भी कार्रवाई की जानी चाहिए।