बाल श्रम के लिए बाहर भेजने की साजिश नाकाम, SJPU की बड़ी सफलता, भाठागांव बस स्टैंड से निकले 16 बच्चे दुर्ग में सकुशल बरामद
रायपुर के भाठागांव बस स्टैंड से एक बस में 16 नाबालिग बच्चों को बाल श्रम के लिए बाहर ले जाने की आशंका पर छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग और SJPU ने त्वरित क...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 06 Aug 2026 07:43:28 AM (IST)Updated Date: Thu, 06 Aug 2026 07:43:28 AM (IST)
प्रतीकात्मक चित्र (एआइ निर्मित)HighLights
- भाठागांव बस स्टैंड से ले जाए जा रहे 16 बच्चे दुर्ग में रेस्क्यू।
- बाल आयोग और पुलिस का डेढ़ घंटे में त्वरित साझा ऑपरेशन।
- बच्चों को ले जा रहा संदिग्ध ठेकेदार हिरासत में, पूछताछ जारी।
नईदुनिया प्रतिनिधि, दुर्ग। रायपुर के भाठागांव बस स्टैंड से एक बस में 16 नाबालिग बच्चों को बाल श्रम के लिए ले जाए जाने की सूचना मिलने पर छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग और विशेष किशोर पुलिस इकाई (एसजेपीयू) ने संयुक्त अभियान चलाकर उन्हें दुर्ग के पास सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। कार्रवाई के दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने एक कथित नियोक्ता को हिरासत में लिया है, जिससे पूछताछ की जा रही है।
छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बताया कि बुधवार शाम आयोग के हेल्पलाइन नंबर पर सूचना मिली थी कि रायपुर के भाठागांव बस स्टैंड से एक बस में 16 नाबालिग बच्चों को कहीं ले जाया जा रहा है। सूचना में यह आशंका भी जताई गई थी कि बच्चों को बाल श्रम के लिए राज्य से बाहर ले जाया जा सकता है।
सूचना मिलते ही आयोग ने तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन और स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट (एसजेपीयू) को सक्रिय किया। अधिकारियों को आशंका थी कि बस राजनांदगांव मार्ग से राज्य की सीमा पार कर सकती है। इसे देखते हुए दुर्ग की एसजेपीयू टीम को अलर्ट किया गया।
दुर्ग के निकट पहुंचते ही पुलिस और बाल संरक्षण अधिकारियों ने बस को रोककर अपने कब्जे में लिया तथा सभी 16 बच्चों को सुरक्षित उतार लिया। डॉ. वर्णिका शर्मा ने बताया कि सूचना मिलने के महज डेढ़ घंटे के भीतर सभी बच्चों का सकुशल रेस्क्यू कर लिया गया।
फिलहाल चाइल्ड हेल्पलाइन दुर्ग और एसजेपीयू की टीम ने सभी बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित संरक्षण में रखा है। वहीं, हिरासत में लिए गए कथित नियोक्ता से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चों को कहां और किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था।
कैसे सफल हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन का पूरा हाल पढ़ें: -
- बाल आयोग के हेल्पलाइन पर मिली सूचना: बुधवार शाम छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा को हेल्पलाइन नंबर पर खबर मिली कि भाठागांव बस स्टैंड (रायपुर) से 16 नाबालिग बच्चों को बस में बैठाकर अन्यत्र ले जाया जा रहा है।
- अंतरराज्यीय सीमा पार करने की थी आशंका: बच्चों को राज्य से बाहर बाल श्रम के लिए ले जाने के अंदेशे पर तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन और दुर्ग की स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट SJPU को अलर्ट किया गया।
- दुर्ग के पास बस को घेरा: अधिकारियों को अंदेशा था कि बस राजनांदगांव के रास्ते राज्य की सीमा से बाहर जा सकती है। दुर्ग पुलिस और बाल संरक्षण टीम ने घेराबंदी कर बस को रोका और सभी 16 बच्चों को सकुशल उतार लिया।
- कथित नियोक्ता हिरासत में: बच्चों के साथ मौजूद संदिग्ध ठेकेदार/नियोक्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि बच्चों को कहां और किस काम के लिए ले जाया जा रहा था।
- सुरक्षित संरक्षण में बच्चे: रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों की पहचान कर उन्हें दुर्ग चाइल्ड हेल्पलाइन और एसजेपीयू के सुरक्षित संरक्षण में रखा गया है।