
नईदुनिया न्यूज, मालखरौदा। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत निर्मित आमनदुला से सेंदुरस डोंगिया तक लगभग चार किलोमीटर लंबी सड़क इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। निर्माण के कुछ वर्षों बाद ही सड़क बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गई है। बरसात के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाने से आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया है। सड़क की जर्जर स्थिति को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। उनका आरोप है कि संबंधित विभाग ने लंबे समय से सड़क की मरम्मत की ओर कोई ध्यान नहीं दिया।
ग्रामीणों के अनुसार यह मार्ग आसपास के आधा दर्जन गांवों के लोगों के लिए मालखरौदा और सक्ती आने-जाने का प्रमुख रास्ता है। बारिश के दौरान सड़क पर बने गहरे गड्ढों और कीचड़ के कारण वाहन चालकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई स्थानों पर पानी भर जाने से सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त नजर आती है, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की खराब स्थिति का सबसे अधिक असर मरीजों पर पड़ रहा है। आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस और निजी वाहन भी इस मार्ग से गुजरने से कतराते हैं, जिससे मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो जाता है।
कई बार गंभीर मरीजों को वैकल्पिक मार्ग का सहारा लेना पड़ता है। सड़क की बदहाली से स्कूली बच्चे भी प्रभावित हैं। प्रतिदिन इसी मार्ग से स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को गड्ढों और फिसलन भरी सड़क से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बच्चे गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। अभिभावकों ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि शीघ्र मरम्मत नहीं हुई तो बरसात के दिनों में बच्चों को स्कूल भेजना भी मुश्किल हो जाएगा।
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ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद विभागीय अधिकारियों ने अब तक सड़क की मरम्मत के लिए कोई ठोस पहल नहीं की है। क्षेत्रवासियों ने कलेक्टर एवं संबंधित विभाग से आमनदुला-सेंदुरस डोंगिया मार्ग की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क की स्थिति नहीं सुधारी गई तो ग्रामीण आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।