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काठापाली स्कूल में अंधविश्वास का खेल! लाल कपड़े और नारियल से कराया टोटका, शिक्षिका सस्पेंड

विकासखंड बलौदा के शासकीय प्राथमिक शाला काठापाली में पदस्थ सहायक शिक्षिका (एलबी) गीता कुम्भकार को अंधविश्वास फैलाने के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने...और पढ़ें

By komal ShuklaEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Mon, 03 Aug 2026 07:57:45 AM (IST)Updated Date: Mon, 03 Aug 2026 07:57:45 AM (IST)
काठापाली स्कूल में अंधविश्वास का खेल! लाल कपड़े और नारियल से कराया टोटका, शिक्षिका सस्पेंड
लाल कपड़े, नारियल और चावल से टोटका करती शिक्षिका

HighLights

  1. जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला काठापाली का मामला।
  2. 'बाली नहीं बताई तो होगा पेट दर्द'! बच्चों में खौफ फैलाने वाली शिक्षिका पर गिरी गाज
  3. बच्चों में भय का माहौल बनाने और विभाग की छवि धूमिल करने का आरोप

नईदुनिया न्यूज, जांजगीर: विकासखंड बलौदा के शासकीय प्राथमिक शाला काठापाली में पदस्थ सहायक शिक्षिका (एलबी) गीता कुम्भकार को अंधविश्वास फैलाने के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

जारी आदेश के अनुसार, विकासखंड शिक्षा अधिकारी बलौदा की जांच रिपोर्ट में उल्लेख है कि 31 जुलाई को शिक्षिका द्वारा अपने सोने की बाली खो जाने के बाद स्कूल के बच्चों को एकत्र कर लाल कपड़े, पीला धागा, नारियल और चावल का उपयोग कर तथाकथित टोटका कराया गया।

आरोप है कि इससे विद्यालय और गांव में भय एवं अंधविश्वास का माहौल बना। डीईओ ने आदेश में कहा है कि इस प्रकार का कृत्य शासकीय विद्यालयों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं संवैधानिक मूल्यों के विपरीत है तथा विभाग की छवि धूमिल करने वाला गंभीर कदाचार है।


अंधविश्वास का पूरा घटनाक्रम:

सोने की बाली गुम होने से शुरू हुआ ड्रामा: 31 जुलाई को शासकीय प्राथमिक शाला काठापाली की शिक्षिका गीता कुम्भकार की सोने की बाली (इयररिंग) स्कूल परिसर में कहीं गुम हो गई थी।

  • बच्चों को इकट्ठा कर कराया टोटका: बाली खोजने के लिए शिक्षिका ने वैज्ञानिक सोच को दरकिनार कर स्कूल के मासूम बच्चों को एक जगह एकत्र किया और तंत्र-मंत्र/टोटके जैसी सामग्री-लाल कपड़ा, पीला धागा, नारियल और चावल बुलवाकर अनुष्ठान शुरू कर दिया।

  • अनहोनी और बीमारी का दिखाया डर: शिक्षिका ने बच्चों को धमकाते हुए कहा कि "यदि बाली के बारे में सही जानकारी नहीं दी, तो तुम्हें पेट दर्द, तेज बुखार या कोई बड़ी अनहोनी का सामना करना पड़ेगा।"

  • मासूमों में फैला खौफ, गांव में हड़कंप: शिक्षिका की इस हरकत से प्राथमिक शाला के छोटे-छोटे बच्चे बुरी तरह सहम गए। घर पहुंचकर जब बच्चों ने परिजनों को यह बात बताई, तो गांव और स्कूल में भारी आक्रोश फैल गया।

  • बीईओ (BEO) की जांच में खुला पोल: बीईओ बलौदा की जांच रिपोर्ट में शिक्षिका का यह कृत्य शासकीय विद्यालयों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और संवैधानिक मूल्यों के पूरी तरह विपरीत पाया गया।

  • जवाब न देने पर डीईओ (DEO) का कड़ा एक्शन: नोटिस का समय पर जवाब न मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत शिक्षिका गीता कुम्भकार को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय बीईओ कार्यालय बलौदा तय किया गया है।

  • शिक्षिका को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था, लेकिन निर्धारित अवधि में उनका जवाब प्राप्त नहीं हुआ। इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के प्रावधानों के विपरीत मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में गीता कुम्भकार का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बलौदा निर्धारित किया गया है।