बिना पढ़े ही परीक्षा देने को मजबूर आत्मानंद स्कूल बाराद्वार के विद्यार्थी: डेढ़ माह बाद भी नहीं शुरू हुई कई विषयों की पढ़ाई
सक्ती जिले के बाराद्वार स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल में शिक्षकों की कमी के कारण डेढ़ माह बाद भी हिंदी और संस्कृत विषयों की पढ़ाई शुरू नहीं हो पाई है। ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 07 Aug 2026 12:48:32 PM (IST)Updated Date: Fri, 07 Aug 2026 12:48:32 PM (IST)
कैप्शन : स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय बाराद्वारHighLights
- स्वामी आत्मानंद स्कूल बाराद्वार में गंभीर अव्यवस्था।
- शिक्षकों की कमी से सैकड़ों बच्चों का भविष्य अधर में।
- शाला प्रबंधन समिति ने कलेक्टर से लगाई गुहार।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बाराद्वार : प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय बाराद्वार में गंभीर अव्यवस्था सामने आई है। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत को डेढ़ माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अंग्रेजी माध्यम की कक्षा 1 से 5 तक हिंदी तथा कक्षा 6 से 8 तक संस्कृत विषय की पढ़ाई अब तक शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में सैकड़ों विद्यार्थी बिना पढ़ाई किए ही परीक्षा देने को मजबूर हैं। विद्यालय में 8 अगस्त से एफए-01 (फार्मेटिव असेसमेंट) परीक्षा प्रस्तावित है, लेकिन संबंधित विषयों की नियमित कक्षाएं संचालित नहीं होने से विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
सवाल यह है कि जिन विषयों की पढ़ाई ही नहीं हुई, उन विषयों की परीक्षा में विद्यार्थी उत्तर कैसे लिखेंगे। इस गंभीर स्थिति को लेकर शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कलेक्टर सक्ती को ज्ञापन सौंपकर वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। ज्ञापन की प्रतिलिपि जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी तथा विद्यालय के प्राचार्य को भी भेजी गई है।
ज्ञापन में बताया गया है कि विद्यालय की समय-सारिणी जारी होने के बावजूद संबंधित विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। दो शिक्षिकाएं मातृत्व अवकाश पर हैं, जबकि अन्य शिक्षकों को इन विषयों की जिम्मेदारी नहीं दी गई है। परिणामस्वरूप विद्यार्थियों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है।
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शाला प्रबंधन समिति का कहना है कि कक्षा 9 एवं 10 में संस्कृत विषय का अध्यापन स्वयं प्राचार्य द्वारा कराए जाने की बात कही गई है, लेकिन कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए अब तक कोई प्रभावी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं बनाई गई है। इससे बच्चों की शैक्षणिक तैयारी पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था सुचारू करने के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन विद्यालय प्रबंधन आवश्यक संसाधनों और राशि की कमी का हवाला देकर समस्या का समाधान नहीं कर पा रहा है। इसका सीधा नुकसान विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है।
अभिभावकों में भी इस स्थिति को लेकर गहरा असंतोष है। उनका कहना है कि उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उम्मीद में अपने बच्चों का प्रवेश स्वामी आत्मानंद विद्यालय में कराया था, लेकिन लगातार बनी अव्यवस्था से उनका भरोसा डगमगाने लगा है।
कई अभिभावक अपने बच्चों का प्रवेश अन्य विद्यालयों में करा चुके हैं, जबकि अनेक अन्य भी ऐसा करने पर विचार कर रहे हैं। शाला प्रबंधन समिति ने कलेक्टर से मांग की है कि विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए तत्काल वैकल्पिक शिक्षकों की नियुक्ति या अन्य प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और वे बिना तैयारी के परीक्षा देने के लिए मजबूर न हों।