एनटीपीसी कोरबा की सातों इकाइयां बंद, सात राज्यों में बिजली आपूर्ति प्रभावित, 2600 मेगावाट उत्पादन एक झटके में शून्य
कोरबा स्थित एनटीपीसी संयंत्र के स्विच यार्ड में ब्रेकर की टेस्टिंग के दौरान आई तकनीकी खराबी से 2600 मेगावाट क्षमता की सातों इकाइयां एक साथ बंद हो गईं।...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 04 Sep 2026 09:55:06 PM (IST)Updated Date: Sat, 05 Sep 2026 07:41:49 AM (IST)
एनटीपीसी कोरबा संयंत्र, फाइल फोटोHighLights
- ब्रेक टेस्टिंग में फाल्ट से एनटीपीसी कोरबा की 7 इकाइयां बंद।
- 2600 मेगावाट उत्पादन ठप, 7 राज्यों में बिजली आपूर्ति प्रभावित।
- दो घंटे ब्लैकआउट के बाद देर रात तक रीस्टार्ट की कोशिश।
नईदुनिया प्रतिनिधि,कोरबा: नेशनल थर्मल पावर कार्पोरेशन (एनटीपीसी) के कोरबा संयंत्र में स्थित स्विच यार्ड में ब्रेकर की टेस्टिंग के दौरान इलेक्ट्रिकल फाल्ट आने से संयंत्र की सभी सात इकाइयां एक के बाद एक ट्रिप होकर बंद हो गईं। इससे 2600 मेगावाट क्षमता वाले संयंत्र का विद्युत उत्पादन एक साथ ठप हो गया। करीब रहा। एनटीपीसी के विभागीय आवासीय परिसर में भी बिजली आपूर्ति बंद हो गई। रात करीब 8.30 बजे आवासीय परिसर की बिजली आपूर्ति बहाल की गई।
संयंत्र के स्विच यार्ड में शुक्रवार शाम करीब छह बजे पावर ग्रिड कार्पोरेशन इंडिया लिमिटेड के पीजीसीआइएल-बे के ब्रेकर की टेस्टिंग की जा रही थी। टेस्टिंग के दौरान इलेक्ट्रिकल फाल्ट आने से पावर ग्रिड में विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई। इसका असर संयंत्र की सातों इकाइयों पर पड़ा और सभी इकाइयां एक के बाद एक ट्रिप होकर बंद हो गईं। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रुप महाप्रबंधक किशोर चंद्र महापात्र समेत आला अधिकारी और तकनीकी अमला स्विच यार्ड पहुंचा।
खराबी दूर करने का काम शुरू किया गया। इकाइयों को दोबारा चालू करने के लिए विद्युत कंपनी से अतिरिक्त बिजली लेकर प्रक्रिया शुरू की गई। प्रबंधन के अनुसार देर रात तक सभी इकाइयों को परिचालन में लेने का प्रयास किया जा रहा था। यहां बताना होगा कि एनटीपीसी कोरबा संयंत्र में 200 मेगावाट की तीन और 500 मेगावाट की चार इकाइयां हैं। संयंत्र की कुल क्षमता 2600 मेगावाट है। संयंत्र से उत्पादित बिजली पावर ग्रिड कार्पोरेशन इंडिया लिमिटेड के माध्यम से विभिन्न राज्यों को भेजी जाती है। सभी इकाइयों के बंद होने से महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पंजाब और गुजरात समेत सात राज्यों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई।
उत्पादन बंद होने से हुआ नुकसान
सभी इकाइयों के बंद रहने से एनटीपीसी को विद्युत उत्पादन का नुकसान हुआ। स्विच यार्ड में टेस्टिंग के दौरान किस उपकरण में खराबी आई और उससे कितनी क्षति हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है। तकनीकी जांच के बाद ही वास्तविक क्षति का पता चल सकेगा।
देर रात तक सामान्य उत्पादन की उम्मीद : पीआरओ
एनटीपीसी कोरबा की जनसंपर्क अधिकारी ऊष्मा घोष ने बताया कि पीजीसीआइएल-बे के ब्रेकर की टेस्टिंग की जा रही थी। इसी दौरान इलेक्ट्रिकल फाल्ट आने से संयंत्र की सभी सात इकाइयां ट्रिप होकर बंद हो गईं। इकाइयों को दोबारा चालू करने की प्रक्रिया जारी है और देर रात तक इनके परिचालन में आने की उम्मीद है।
2011 में भी बंद हुई थीं छह इकाइयां
एनटीपीसी कोरबा संयंत्र की धनरास राखड़ बांध वर्ष 2011 में अचानक फूट गया। इसके बाद संयंत्र से उत्सर्जित राख के भंडारण का कोई विकल्प नहीं रहा। तब यहां की छह इकाइयों को बंद करना पड़ा था। उस समय 200 मेगावाट की एक इकाई ही चालू रह सकी थी।