परीक्षा का तनाव या भूत-प्रेत का साया? कोरबा में 5 छात्राओं की बिगड़ी तबीयत, बेटियों को घर ले जा रहे अभिभावक
CG News: पोड़ी के सरकारी गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं की अजीब हरकतों से हड़कंप मच गया है, जिससे डरे हुए माता-पिता अपनी बेटियों को घर ले जा रहे हैं। ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 27 Feb 2026 11:26:44 PM (IST)Updated Date: Fri, 27 Feb 2026 11:26:44 PM (IST)
छात्राओं के असामान्य व्यवहार से दहशत।HighLights
- छात्राओं के असामान्य व्यवहार से दहशत।
- तबीयत बिगड़ने पर गांवों में फैली अफवाह।
- छात्रावास की घटना से सहमे अभिभावक।
नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा। जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत पोड़ी में संचालित 100 सीटर गर्ल्स हॉस्टल में पढ़ने वाली कुछ छात्राओं की असामान्य गतिविधियों को लेकर फैली चर्चाओं के बाद अभिभावकों में डर का माहौल बन गया है।
भूत-प्रेत के साए की आशंका जताते हुए कई स्वजन अपनी बेटियों को छात्रावास से घर ले जा रहे हैं। अब तक पांच छात्राओं को स्वजन अपने साथ गांव वापस ले जा चुके हैं।
छात्राओं के व्यवहार में बदलाव और परिजनों की प्रतिक्रिया
बताया गया कि बीते कुछ दिनों से छात्रावास में रह रही लगभग एक दर्जन छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ने और व्यवहार में बदलाव की बात सामने आई। जानकारी फैलते ही आसपास के गांवों से परिजन पोड़ी पहुंचे।
ग्रामीण अंचल से आए कुछ परिजनों ने इसे भूत-प्रेत से जोड़कर देखा और आशंका के चलते बेटियों को छात्रावास में छोड़ने से इनकार कर दिया। नाम न छापने की शर्त पर एक रिश्तेदार ने बताया कि पहले भी इस तरह की घटनाएं देखी गई हैं।
इसी डर के चलते कुछ परिजन मालवाहन लेकर छात्रावास पहुंचे और सामान के साथ बेटियों को गांव ले गए। समाचार लिखे जाने तक यह प्रक्रिया जारी थी।
शिक्षा विभाग का निरीक्षण और अधिकारियों का पक्ष
इधर, पूरे मामले की जानकारी छात्रावास अधीक्षिका ने प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी टीपी उपाध्याय को दी। सूचना पर शुक्रवार को जिला शिक्षा अधिकारी उपाध्याय ने छात्रावास का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान ब्लाक शिक्षा अधिकारी एचआर दयाल भी साथ रहे। उन्होंने बताया कि छात्राएं परीक्षा के दबाव और मानसिक तनाव में थीं। बातचीत और समझाइश के बाद स्पष्ट हुआ कि किसी तरह की अलौकिक घटना नहीं है।
अंधविश्वास से इनकार और काउंसिलिंग पर जोर
छात्राओं को समझाया गया कि भूत-प्रेत जैसी बातें अंधविश्वास हैं और डरने की आवश्यकता नहीं है। अधीक्षिका से भी कहा गया है कि वे अभिभावकों को बुलाकर स्थिति स्पष्ट करें और छात्राओं का मनोबल बढ़ाएं।
शिक्षा विभाग का कहना है कि परीक्षा के समय तनाव के कारण छात्राओं की तबीयत और व्यवहार में बदलाव आ सकता है। विभाग ने छात्रावास में नियमित निगरानी, आवश्यकता अनुसार परामर्श और अभिभावकों से संवाद बनाए रखने की बात कही है। फिलहाल छात्रावास में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।