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पहले पकड़ो सांप: कोरबा में अजीब मामला, सर्पदंश के इलाज के लिए अस्पताल मंगाया गया कोबरा, फिर शुरू हुआ उपचार

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के दादर क्षेत्र में घर की सफाई के दौरान रामदयाल नामक व्यक्ति को एक जहरीले कोबरा ने डस लिया। परिजन उसे तुरंत जिला मेडिकल कॉलेज ...और पढ़ें

By Devendra GuptaEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Mon, 24 Aug 2026 11:24:19 PM (IST)Updated Date: Mon, 24 Aug 2026 11:24:19 PM (IST)
पहले पकड़ो सांप: कोरबा में अजीब मामला, सर्पदंश के इलाज के लिए अस्पताल मंगाया गया कोबरा, फिर शुरू हुआ उपचार
रामदयाल और डिब्बे में बंद सांप

HighLights

  1. झाड़ी साफ कर रहे शख्स को कोबरा ने डसा।
  2. इलाज से पहले सांप की पहचान की अजीब शर्त।
  3. स्नेक कैचर ने डिब्बे में बंद कर पहुंचाया अस्पताल।

नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा : दादर क्षेत्र में घर के अंदर झाड़ी साफ कर रहे रामदयाल को कोबरा ने डस लिया। स्वजन तत्काल उसे जिला मेडिकल कालेज अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने सांप की पहचान करने के लिए उसे साथ लाने को कहा। इसके बाद अस्पताल से स्नेक कैचर टीम को सूचना दी गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर बिल में छिपे कोबरा को एक घंटे की मशक्कत के बाद बाहर निकाला।

सांप को सुरक्षित पकड़कर डिब्बे में बंद किया गया और पहचान के लिए अस्पताल लाया गया। कोबरा की पहचान होने के बाद रामदयाल का उपचार शुरू किया गया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है और उसे खतरे से बाहर बताया गया है।


रामदयाल ने बताया कि वह घर के अंदर झाड़ी साफ कर रहा था। इसी दौरान जमीन में बने एक बिल के पास पहुंचते ही अचानक कोबरा बाहर निकला और उसे डस लिया। घटना के बाद सांप वापस उसी बिल में घुस गया। रामदयाल बिना देर किए स्वजन के साथ अस्पताल पहुंचा। चिकित्सकों ने उपचार से पहले सांप की पहचान की बात कही, जिसके बाद स्नेक कैचर टीम को इसकी सूचना दी गई।

स्नेक कैचर टीम मौके पर पहुंची तो स्वजन ने बताया कि सांप डसने के बाद उसी बिल में चला गया है। टीम ने सावधानी से बिल की तलाश शुरू की। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद कोबरा को बाहर निकाला गया। उसे सुरक्षित तरीके से पकड़कर डिब्बे में रख कर अस्पताल लाया गया।

यह भी पढ़ें- कोरबा के सांसद आदर्श ग्राम में बड़ा फर्जीवाड़ा, मृतकों के नाम पर जारी किए गए प्रधानमंत्री आवास

सांप की पहचान कोबरा के रूप में होने के बाद चिकित्सकों ने रामदयाल का उपचार शुरू किया। रेस्क्यू किए गए कोबरा को बाद में सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया। वर्षा के मौसम में सांप-बिच्छू के बिलों से बाहर निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में घर के आसपास झाड़ियों और कचरे की सफाई रखने तथा सांप दिखाई देने पर खुद पकड़ने के बजाय विशेषज्ञों की मदद लेने की सलाह दी गई है।

अस्पताल में सांप की तस्वीर मांगने पर भी उठे थे सवाल

जिला मेडिकल कालेज अस्पताल में सर्पदंश के मरीजों के उपचार से पहले सांप की पहचान को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। पूर्व में सर्पदंश पीड़ित को अस्पताल लाए जाने पर चिकित्सकों की ओर से उस सांप की तस्वीर लाने के लिए कहा गया था, जिसने उसे डसा था। इसे लेकर परिजनों और लोगों ने सवाल उठाए थे कि सर्पदंश के उपचार में मरीज की स्थिति और चिकित्सकीय परीक्षण प्राथमिक होना चाहिए या सांप की पहचान।

अब दादर के मामले में अस्पताल पहुंचने के बाद सांप को ही पकड़ कर लाने को कहे जाने की जानकारी सामने आई है। इससे उपचार की प्रक्रिया और सर्पदंश के मामलों में अपनाई जा रही व्यवस्था को लेकर फिर चर्चा शुरू हो गई है।

बिलासपुर के फर्जीवाड़े ने बढ़ाई सत्यापन की जरूरत

बिलासपुर में फर्जी मुआवजा प्रकरण के बाद सर्पदंश से जुड़े मामलों में घटना की वास्तविकता, चिकित्सकीय परीक्षण और उपलब्ध साक्ष्यों के सत्यापन का महत्व और बढ़ गया है। दादर की घटना में सांप को मौके से रेस्क्यू कर अस्पताल लाकर उसकी पहचान कराई गई।