
नईदुनिया प्रतिनिधि,कोरबा: पिछले दो दिनों से मौसमी उतार चढ़ाव जारी है। शनिवार की सुबह से दोपहर तक सूरज की गर्मी से लोग हलकान करने रहे। शाम को लगभग आधे घंटे तक हुई झमाझम वर्षा से वातावरण में नमी घुलने के साथ अब उमस का असर शुरू हो गया है। आगामी दो दिनों तक मौसम में अस्थिरता का अनुमान है।
सप्ताह भर पहले दिन में धूप और शाम को वर्षा की स्थिति बनी थी वह सिलसिला पिछले दो दिनों से फिर शुरू हो गई है। हालाकि दोपहर को तापमाान 42 डिग्री सेल्सियस पर रहा जो पिछले दिनों की तुलना में 0.50 डिग्री कम रहा। सुबह होते ही धूप तेज हो जाती है। गर्मी से बचने के लिए लोग गमछा, टोपी, क्वार्फ का सहारा लेने लगे हैं।
तापमान के बढ़ते असर आम जनजीवन के अलावा अन्य जीव जंतुओं पर देखा जा रहा है। भूमिगत जलस्तर कम होने से ग्रामीण क्षेत्रों के हैंडपंप, कुंए के अलावा बाह्य जल स्त्रोत तालाब कुंआ आदि सूखने के कगार पर है।
छुरी, पाली कटघोरा के अलावा कालरी क्षेत्र के जुड़े गांव के लोगाें को पेयजल संकट से जुझना पड़ रहा है। मौसमी उतार चढ़ाव का ग्रीष्म खेती में भी असर देखा जा रहा है। खासकर कलिंदर, खीरा, ककड़ी के फसल के लिए वर्षा नुकसानदेय साबित हो रहा है।
उधर मौसम परिवर्तन के बीच अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार मानसून का आगमन 15 जून से पहले ही होगी। मानसून की निकटता को देखते हुए किसानों ने खेती की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं व्यवसाइयों ने रैनकोट, छाता, तिरपाल आदि उपयोगी सामानों को भंडारण शुरू कर दिया है।
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शहर में बंद रही छह घंटे बिजली, मेंटेनेंस की खुली पोल
विद्युत वितरण विभाग कार्यप्रणाली से आमजनों में नाराजगी शहर में तेज आंधी के साथ हुई वर्षा से विद्युत विभाग के मेंटेनेंस की पोल खुल गई। शाम चार बजे से पूरे शहर में बिजली बंद हो गई। फाल्ट खोजने निकले कर्मियों को फाल्ट ही नहीं मिल रहा है। इसकी वजह से शहर के अधिकांश हिस्से में रात नौ बजे के बाद बिजली आई।
विद्युत वितरण विभाग की कार्यप्रणाली से आमजनों में रोष बढ़ते जा रहा है। शहर में थोडी सी हवा चलती है और बिजली बंद हो जाती है। पुन: कब चालू होगा, इसका कोई समय नहीं रहता है। शनिवार को शाम चार बजे अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी के साथ वर्षा शुरू हो गई। इसकी वजह से वितरण विभाग ने शहर की बिजली बंद कर दी।
लगभग एक घंटे बाद मौसम सामान्य हुआ, पर बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि 33 केवी लाइन में एक पेड़ की डाल गिर गई थी। जिसे हटाने के बाद बिजली चालू करने का प्रयास किया गया, पर ट्रिप होते ही बिजली बंद हो गई।
तुलसीनगर सबस्टेशन से 11 केवी लाइन के 20 फीडर जुड़े हुए हैं। इसमें 12 फीडर बंद हो गए। वितरण विभाग का मैदानी अमला फाल्ट खोजने निकला, पर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई स्थान पर फाल्ट ही नहीं मिला। इसके बाद एक-एक लाइन की जांच की गई और सुधार कार्य के बाद बिजली आपूर्ति बहाल की गई।
रात साढे नौ बजे तक आठ फीडर को किसी तरह चालू किया गया। इसके बाद शेष चार फीडर में फाल्ट खोजने तकनीकी कर्मी जुटे रहे। इस संबंध में जब अधीक्षण यंत्री आरके चौहान से मोबाइल पर चर्चा की गई. तो उन्होंने कहा कि मीटिंग में है। इसलिए बाद में बात होगी। वहीं अन्य अधिकारियों का मोबाइल स्वीच आफ मिला।
विभाग द्वारा बिजली आपूर्ति को लेकर कितनी गंभीरता दिखाई जा रही। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। शहरवासियों का कहना है कि शाम के समय बिजली बंद होने से व्यवसाय भी प्रभावित होता है, वहीं लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है।