अंबिकापुर, बिलासपुर के बाद अब महासमुंद में बड़ी सेंध! बाल संप्रेक्षण गृह से खिड़की तोड़ 8 अपचारी बालक फरार
बाल संप्रेक्षण गृह से सनसनीखेज फरारी: खिड़की तोड़कर भागे 8 अपचारी बालक, महासमुंद पुलिस महकमे में हड़कंप, नाकेबंदी कर तलाश तेज
Publish Date: Mon, 03 Aug 2026 02:51:52 PM (IST)Updated Date: Mon, 03 Aug 2026 02:51:52 PM (IST)
प्रतीकात्मक चित्र (एआइ निर्मित)HighLights
- महासमुंद पुलिस महकमे में हड़कंप
- बाल संप्रेक्षण गृह अपचारी बालक फरार
- बरोंडा बाजार से आधी रात बड़ी फरारी
नईदुनिया प्रतिनिधि, महासमुंद: महासमुंद जिले के समीपस्थ बरोंडा बाजार स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में सुरक्षा व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए एक बड़ी घटना सामने आई है। रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब 8 अपचारी बालक संप्रेक्षण गृह की खिड़की तोड़कर चकमा देते हुए फरार हो गए।
घटना की भनक लगते ही बाल संप्रेक्षण गृह प्रबंधन, महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस की संयुक्त टीमों ने पूरे जिले और संभावित ठिकानों पर सघन चेकिंग व नाकेबंदी अभियान शुरू कर दिया है।
8 अपचारी बालक संप्रेक्षण गृह से आखीर का कैसे हुए फरार.. फरारी का पूरा घटनाक्रम: -
- आधी रात रची गई साजिश: मध्यरात्रि बाल संप्रेक्षण गृह में निरुद्ध अपचारी बालकों ने सुनियोजित तरीके से लोहे की खिड़की तोड़ी और मौके से फरार हो गए।
- गंभीर अपराधों में बंद थे अपचारी: फरार बालकों में अनाचार का 1, चोरी के 2, आबकारी अधिनियम (अवैध शराब) के 3 तथा गांजा तस्करी के 2 मामलों में शामिल अपचारी बालक निरुद्ध थे।
- अफसरों का अमला मौके पर पहुंचा: फरारी की खबर मिलते ही महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी टिकवेन्द्र जाटवार और महासमुंद पुलिस की टीम तुरंत बरोंडा बाजार संप्रेक्षण गृह पहुंची।
- सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल: इस दुस्साहसिक फरारी के बाद बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था, रात्रिकालीन ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की भूमिका और लापरवाही पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
- संयुक्त खोजबीन अभियान जारी: महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस प्रशासन द्वारा फरार बालकों को पकड़ने के लिए आसपास के बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और संभावित गृहग्रामों में संयुक्त तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
- प्रशासनिक जांच शुरू: विभाग ने घटना की पुष्टि करते हुए लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और सुरक्षा ऑडिट की बात कही है।
इस प्रशासनिक चूक के 3 मुख्य पहलू:
सुरक्षा में भारी सेंध: गंभीर अपराधों के आरोपी बालकों का खिड़की तोड़कर भाग जाना संप्रेक्षण गृह की कमजोर सुरक्षा को दर्शाता है।
नाकेबंदी व संयुक्त सर्च ऑपरेशन: पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
कर्मचारियों पर गिर सकती है गाज: रात्रिकालीन ड्यूटी में तैनात प्रहरियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जांच के बाद विभागीय कार्रवाई तय मानी जा रही है।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच की जा रही है तथा फरार बालकों की तलाश के लिए संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है। घटना के बाद संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा शुरू कर दी गई है।
जुलाई माह में अंबिकापुर व बिलासपुर की दो बड़ी घटना
अंबिकापुर बाल संप्रेक्षण गृह से 13 अपचारी बालक फरार हो गए थे।
बिलासपुर बाल संप्रेक्षण गृह में ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड की हत्या, चार नाबालिग बंदी फरार हो गए थे।
पुरानी घटनाओं से सबक न लेने और सुरक्षा में लापरवाही के कारण ये बालक फिर से भागने में सफल रहे।