7 लाख में एक मामला! पहली बार मां बनी महिला ने दिया 4 बच्चियों को जन्म, महासमुंद मेडिकल कॉलेज का अनोखा केस
जिला मेडिकल कॉलेज महासमुंद में चिकित्सा इतिहास का एक दुर्लभ और गर्व का क्षण सामने आया है। यहां उड़ीसा प्रांत के नुआपाड़ा जिले की निवासी पुष्पा ध्रुव न ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 09 Feb 2026 10:10:10 PM (IST)Updated Date: Mon, 09 Feb 2026 10:10:10 PM (IST)
पहली बार मां बनी महिला ने दिया 4 बच्चियों को जन्मHighLights
- महासमुंद मेडिकल कॉलेज में पहली बार एक साथ जन्मीं चार बच्चियां
- पुष्पा ध्रुव की हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी को डॉक्टरों ने सफल बनाया
- प्री-मैच्योर होने के कारण मेकाहारा में भर्ती दो बच्चियों की मौत
नईदुनिया। प्रतिनिधि, महासमुंद। जिला मेडिकल कॉलेज महासमुंद में चिकित्सा इतिहास का एक दुर्लभ और गर्व का क्षण सामने आया है। यहां उड़ीसा प्रांत के नुआपाड़ा जिले की निवासी पुष्पा ध्रुव ने एक साथ चार स्वस्थ बच्चियों को जन्म दिया है। महासमुंद के शासकीय चिकित्सालय में यह अब तक का पहला मामला बताया जा रहा है, जिसमें 34 हफ्ते की गर्भावस्था को सफलतापूर्वक मैनेज किया गया।
7 लाख में से एक महिला को होती है ऐसी प्रेग्नेंसी
चिकित्सकों के अनुसार चार बच्चों वाली प्रेग्नेंसी अत्यंत दुर्लभ होती है, जो सामान्यतः 5 से 7 लाख गर्भधारण में किसी एक में देखने को मिलती है। खास बात यह रही कि पुष्पा पहली बार गर्भवती हुई थी और वह मेडिकल कॉलेज की निरंतर निगरानी में थी। डॉक्टरों ने बताया कि महिला को 33वें हफ्ते में ही अस्पताल में भर्ती कर लिया गया था और लगातार कड़ी निगरानी में रखा गया था।
सफलतापूर्वक सिजेरियन प्रसव: जच्चा और बच्चा की निगरानी
गुरुवार को गर्भ में पानी का रिसाव (लीकेज) शुरू होने के बाद चिकित्सकीय सलाह पर सिजेरियन सेक्शन किया गया, जिसके बाद महिला ने चार बच्चियों को जन्म दिया। डॉक्टर नेहा ठाकुर ने जानकारी दी कि प्रसव के समय जच्चा और बच्चा की स्थिति स्थिर थी। हालांकि, सभी चारों नवजात शिशु प्री-मैच्योर हैं, क्योंकि उनका जन्म आठवें माह में ही हो गया है। इसी कारण उन्हें विशेष देखभाल के लिए नर्सरी में रखा गया।
प्री-मैच्योरिटी की चुनौती: दो बच्चियों ने मेकाहारा में तोड़ा दम
चिकित्सकों की सतत निगरानी के बावजूद समय से पहले जन्म (प्री-मैच्योरिटी) के कारण उत्पन्न जटिलताओं के चलते दो बच्चियों को बेहतर इलाज के लिए मेकाहारा (रायपुर) रेफर किया गया था। चिकित्सकों का कहना है कि वहां उपचार के दौरान दोनों बच्चियों की मौत हो गई। वर्तमान में पुष्पा ध्रुव और शेष बच्चियां चिकित्सकों की देखरेख में हैं।