रायगढ़ में पढ़ने की जिद के आगे उफनता नाला भी छोटा, जान जोखिम में डाल स्कूल पहुंच रहे 50 बच्चे
रायगढ़ के धरमजयगढ़ विकासखंड के क्रोंधा गांव में पुल न होने के कारण 50 स्कूली बच्चे उफनता नाला पार कर खड़गांव स्कूल जाने को विवश हैं। 2015 से आश्वासन म...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 24 Jul 2026 10:15:40 AM (IST)Updated Date: Fri, 24 Jul 2026 10:15:40 AM (IST)
नाला पार कर स्कूल जाती छात्राए।HighLights
- क्रोंधा-खड़गांव के बीच पुल नहीं होने से हर बारिश में मुसीबत।
- 2015 से मिल रहा आश्वासन, अब तक नहीं बनी राह।
- रायगढ़ के ग्रामीण इलाकों में बदहाल व्यवस्था।
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायगढ़। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत क्रोंधा में बच्चों के लिए शिक्षा की राह आज भी खतरे से होकर गुजर रही है। गांव के करीब 50 छात्र-छात्राएं रोजाना उफनते नाले को पार कर खड़गांव स्थित स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं। बारिश के दिनों में नाले का जलस्तर बढ़ने पर बच्चे घुटनों तक पानी में उतरकर जान जोखिम में डालते हैं। कई बार तेज बहाव के कारण हादसे की स्थिति बन चुकी है। हाल ही में एक छात्रा पानी के तेज बहाव में बहने लगी थी, जिसे साथ जा रहे अन्य बच्चों ने किसी तरह बचाया।
क्रोंधा से खड़गांव स्कूल जाने वाले बच्चों की परेशानी बारिश के दिनों में और बढ़ जाती है। बच्चे पहले साइकिल से नाले तक पहुंचते हैं और फिर अपनी साइकिल किनारे छोड़कर पानी के बीच से होकर दूसरी तरफ जाते हैं। इसके बाद उन्हें करीब दो किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल पहुंचना पड़ता है। नाले में पानी अधिक होने पर बच्चों के लिए इसे पार करना बेहद जोखिम भरा हो जाता है।
छात्राओं ने बताया कि कुछ समय पहले नाला पार करते समय एक छात्रा पानी के तेज बहाव में बहने लगी थी। साथ जा रहे बच्चों ने किसी तरह उसे पकड़कर बचाया। इस घटना के बाद भी बच्चों की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि हर बारिश में बच्चों की जान पर खतरा बना रहता है। यदि किसी दिन पानी का बहाव ज्यादा तेज हुआ तो बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं उन्होंने जिला प्रशासन और कलेक्टर से बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए क्रोंधा और खड़गांव के बीच जल्द से जल्द पुल निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों को शिक्षा के लिए हर दिन जान जोखिम में डालकर नाला पार करना पड़ रहा है।
बहरहाल शासन प्रशासन की इस उदासीनता से क्षेत्र वासियों में नाराजगी है और उन्हें अपने बच्चों के जीवन पर भी मंडरा रहे संकट से डरे सहमे है।
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गणवेश बचाने अलग कपड़े लेकर जाती हैं छात्रा एं
नाला पार करते समय कपड़े भीगने से बचाने के लिए कई छात्राएं अपने साथ अलग कपड़े लेकर चलती हैं। पानी पार करने के बाद वे स्कूल ड्रेस पहनकर कक्षा में पहुंचती हैं। छात्राओं का कहना है कि बारिश के दिनों में स्कूल जाना किसी चुनौती से कम नहीं है। कई बार पानी का बहाव इतना तेज होता है कि नाला पार करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में बच्चों को स्कूल से लौटना पड़ता है या कई दिनों तक उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है।
2015 से मिल रहा पुल का आश्वासन
क्रोंधा और खड़गांव के बीच स्थायी पुल निर्माण की मांग ग्रामीण वर्षों से कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2015 में विष्णुदेव साय के केंद्रीय मंत्री रहने के दौरान भी पुल निर्माण का आश्वासन मिला था। वर्ष 2025 में मुख्यमंत्री बनने के बाद भी विष्णुदेव साय द्वारा पुल निर्माण की घोषणा की गई थी। इसके अलावा कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से भी आश्वासन दिए गए, लेकिन अब तक पुल निर्माण का काम शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में अब ग्रामीणों को आश्वासन नहीं, बल्कि पुल निर्माण का इंतजार है।
वर्जन
हमारे स्कूल में क्रोंधा गांव से विभिन्न कक्षाओं के लगभग 50 बच्चे आते है। एक प्रसारित वीडियो में बच्चे नाला पार कर आते है। कई बार बच्चे ज्यादा पानी के चलते स्कूल ही नहीं आ पाते हैं, तो उन्हें गणवेश भी कई दफा अतिरिक्त रखना पड़ता है।
-नियमेश कुमार पटेल, प्रभारी प्राचार्य।
वर्जन
दैनिक जीवन के लेकर कई तरह के कार्य को लेकर खडगांव जाना पड़ता है। लेकिन नाला में पानी भर जाने के कारण कई तरह के कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। बच्चों को स्कूल आने जाने में दिक्कत होता है बीमार व्यक्ति को लेकर और समस्या बढ़ जाता है। नदी में पुल बनाने की मांग को लेकर तत्कालीन सांसद से दो बार आश्वासन मिल चुका है। वर्तमान में वे सीएम बन गए है तो अब ज्यादा उम्मीद है।
- राम रतन सिंह राठिया, ग्राम पंचायत क्रोंधा सरपंच
वर्जन
विभाग के द्वारा क्रोंधा से खडगांव के लिए सरिया नाला में उच्च स्तरीय पुल के लिए स्वीकार के लिए भेजा गया । यह पुल 105 मीटर की लंबाई की बनाया जाना है । लागत 10 करोड़ 17 लाख की है।
- संतोष कुमार भगत, सेतु विभाग ई ई ।