सूचना पर एडिशनल एसपी अनिल सोनी, थाना प्रभारी रामकिंकर यादव, एफएसएल टीम एवं थाना स्टाफ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर महिला का शव नग्न अवस्था में मिला था। ग्राम कोटवार अयोध्या प्रसाद माझी ने जंगल में लकड़ी लेने के दौरान शव देख पुलिस को सूचना दी थी।
पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को सुरक्षित रखवाया और महिला की पहचान के प्रयास शुरू किए।जांच के दौरान थाना चक्रधरनगर में दर्ज गुमशुदगी रिपोर्ट से महत्वपूर्ण सुराग मिला। मृतिका के परिजनों को घटनास्थल से बरामद कपड़े, सैंडल और फोटोग्राफ्स दिखाए गए, जिस पर मृतिका की पहचान आराधना सिदार उम्र 31 साल ग्राम केकरा झरिया थाना लैलूंगा के रूप में हुई।
इसके बाद पुलिस ने मृतिका के काल डिटेल, तकनीकी साक्ष्य और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। सीसीटीवी फुटेज में एक युवक मोटरसाइकिल पर मृतिका को ले जाते दिखाई दिया। बाइक नंबर के आधार पर पुलिस आरोपित तक पहुंची और सक्ती निवासी लोकनाथ पटेल को हिरासत में लिया गया।
धारदार हथियार से हमला कर हत्या
आरोपित लोकनाथ पटेल ने बताया कि 9 मई की रात उसने आराधना से बात कर अगले दिन मिलने का प्लान बनाया था। 10 मई को वह मोटरसाइकिल से उसे अपने साथ लेकर पहले सक्ती और दमाऊधारा मंदिर गया, शाम को दोनों सक्ती स्थित एक लाज में रुके जहां आरोपित ने फर्जी नाम से कमरा लिया। अगले दिन सुबह वह आराधना को बाइक से सुनसान जंगल क्षेत्र लेकर गया, जहां मौका पाकर पहले गला दबाकर उसे बेहोश किया, फिर पत्थर और धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
अपराध दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया
वारदात के बाद आरोपित ने घटनास्थल पर साक्ष्य छिपाने की कोशिश की, खून साफ किया और घर लौट गया। बहरहाल पुलिस ने लोकनाथ पटेल, पिता रामप्रसाद पटेल, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम चारपारा, थाना सक्ती, जिला सक्ती, छत्तीसगढ़ के खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
इंटरनेट मीडिया के माध्यम से हुई दोस्ती
दो वर्षों से चल रहा प्रेम संबंध पूछताछ में आरोपित ने बताया कि उसका मृतिका के साथ पिछले करीब दो वर्षों से प्रेम संबंध था। वह पहले से विवाहित था और मृतिका द्वारा शादी को लेकर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। यह विवाद लंबे समय से चल रहा था।
इधर आरोपित पहले से ही वैवाहिक बंधन में बंधने के चलते वह शादी से इनकार करने लगा। लेकिन अंततः उसने इस दबाव में आकर सुनियोजित योजना बनाकर हैवानियत बनकर हत्या कर दिया।
अपराध से बचने मोबाइल से किया गुमराह
अपराध से बचने के लिए आरोपित प्रेमी ने महिला अधिवक्ता मृतिका के मोबाइल का इस्तेमाल कर उसकी बहन और सहेलियों से महिला की आवाज निकालकर बातचीत भी की, ताकि किसी को घटना की भनक न लगे। आरोपित के कब्जे से मृतिका का उपयोग किया जा रहा मोबाइल फोन, घटना समय पहने कपड़े तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए गए हैं।