
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। शहर के व्यस्त मार्गों पर लगातार बढ़ते यातायात दबाव और जाम से राहत देने के लिए प्रस्तावित करीब 400 करोड़ रुपये की फ्लाईओवर परियोजना दो साल से फाइलों में ही आगे बढ़ रही है। NHAIने प्रमुख चौकों पर यातायात की समस्या को देखते हुए परियोजना तैयार की थी। इसकी ड्राइंग-डिजाइन तैयार हो चुकी है और मिट्टी परीक्षण भी पूरा किया जा चुका है। इसके बावजूद अब तक टेंडर जारी करने की अनुमति नहीं मिल सकी है।
निर्माण एजेंसी का चयन तो अभी दूर है, निविदा प्रक्रिया शुरू करने के लिए भी मंजूरी का इंतजार है। परियोजना का प्रस्ताव NHAI मुख्यालय भेजा गया है। ऐसे में तैयारी के कई चरण पूरे होने के बाद भी जमीन पर निर्माण शुरू नहीं हो पाया है।
परियोजना की जरूरत सबसे ज्यादा तेलीबांधा चौक क्षेत्र में महसूस की जा रही है। यहां एक्सप्रेस-वे, VIP रोड, रिंग रोड और शहर की ओर से आने वाला यातायात एक-दूसरे से जुड़ता है। सुबह और शाम पीक आवर में वाहनों की संख्या बढ़ने से कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में भी काफी समय लग जाता है।
इसी क्षेत्र में करीब 1.5 से 3.5 किलोमीटर लंबा छह लेन फ्लाईओवर प्रस्तावित है। इसके बनने से इस मार्ग पर यातायात को व्यवस्थित करने और जाम की समस्या कम करने की उम्मीद है।
फ्लाईओवर परियोजना को आगे बढ़ाने में अब तक सबसे अधिक समय स्वीकृति और बजट की प्रक्रिया में लगा है। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 400 करोड़ रुपये है। बजट और प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद तकनीकी तैयारियां शुरू हुईं। ड्राइंग-डिजाइन तैयार करने के साथ मिट्टी परीक्षण भी पूरा कर लिया गया।
अब निर्माण की दिशा में सबसे अहम कदम टेंडर जारी करने की अनुमति है। मुख्यालय से स्वीकृति मिलने के बाद ही निविदा जारी होगी और निर्माण एजेंसी का चयन किया जा सकेगा।
फ्लाईओवर निर्माण के साथ निजी जमीन का अधिग्रहण भी परियोजना की बड़ी जरूरत है। प्रस्तावित मार्ग के लिए निजी जमीन ली जानी है। इसके मुआवजे के लिए करीब 70 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। फिलहाल टेंडर स्वीकृति लंबित होने के कारण जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी आगे नहीं बढ़ पाई है।
मिट्टी परीक्षण का काम पूरा हो चुका है। टेंडर की मंजूरी के लिए प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
-दिग्विजय सिंह, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, NHAI