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छत्तीसगढ़ के 45 आईटीआई की बदलेगी तस्वीर... पीएम-सेतु योजना के तहत AI और रोबोटिक्स सीखेंगे छात्र

औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के दिन अब बहुरने वाले हैं। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लायबिलिटी...और पढ़ें

By Sandeep TiwariEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Sun, 14 Jun 2026 06:45:02 PM (IST)Updated Date: Sun, 14 Jun 2026 06:45:02 PM (IST)
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छत्तीसगढ़ के 45 आईटीआई की बदलेगी तस्वीर... पीएम-सेतु योजना के तहत AI और रोबोटिक्स सीखेंगे छात्र
छत्तीसगढ़ के 45 आईटीआई की बदलेगी तस्वीर (AI Generated Image)

HighLights

  1. 45 आईटीआई में AI, ड्रोन टेक्नोलॉजी और ईवी जैसे आधुनिक ट्रेड सिखाए जाएंगे
  2. केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहन करेंगे अपग्रेडेशन के खर्च का 83% हिस्सा
  3. माना और धरसींवा जैसी जर्जर लैब्स और बंद होंगे रोजगारहीन 10 पुराने ट्रेड

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के दिन अब बहुरने वाले हैं। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी "प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लायबिलिटी ट्रांसफार्मेशन" (पीएम-सेतु) योजना के तहत प्रदेश के 45 आईटीआई का चयन किया है। इस योजना के माध्यम से इन पारंपरिक केंद्रों को आधुनिक तकनीक और वैश्विक मानकों के अनुरूप अपग्रेड किया जाएगा।

योजना का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रिकल व्हीकल (ईवी) जैसे भविष्य के कौशलों से जोड़ना है, ताकि युवाओं को स्थानीय स्तर पर बेहतर रोजगार और स्टार्टअप के अवसर मिल सकें। देशभर में चयनित 1000 संस्थानों में छत्तीसगढ़ के इन 45 आईटीआई को शामिल किया गया है।


केंद्र और राज्य मिलकर उठाएंगे खर्च का बड़ा हिस्सा

केंद्र सरकार ने इस वृहद योजना के लिए 60,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। एक आईटीआई केंद्र को संवारने के लिए न्यूनतम एक करोड़ से अधिक ही खर्च किया जाएगा।

वित्तीय ढांचे के तहत कुल खर्च का 83 प्रतिशत हिस्सा सरकार (50% केंद्र और 33% राज्य) वहन करेगी, जबकि शेष 17 प्रतिशत खर्च "एंकर इंडस्ट्री पार्टनर" (एआईपी) यानी निजी औद्योगिक भागीदारी द्वारा उठाया जाएगा।

उद्योगों की मांग के अनुरूप होगा कोर्स, क्लस्टर मॉडल पर होगा काम

राज्य के स्टील, सीमेंट, माइनिंग, power प्लांट और लॉजिस्टिक्स जैसे बड़े उद्योगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ही नए कोर्स और ट्रेनिंग मॉड्यूल डिजाइन किए जाएंगे। कंपनियां न केवल प्रशिक्षण देंगी, बल्कि ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग, अप्रेंटिसशिप और डायरेक्ट प्लेसमेंट की जिम्मेदारी भी संभालेंगी।

इसके लिए राज्य के 203 आईटीआई को छह क्लस्टरों में विभाजित किया जाएगा, जहां प्रत्येक क्लस्टर में एक "मॉडल हब आईटीआई" होगा, जिससे चार "स्पोक आईटीआई" जुड़े रहेंगे।

जंग लगी गाड़ियों और पुराने सिस्टम के भरोसे छात्र

यह अपग्रेडेशन इसलिए भी बेहद जरूरी है क्योंकि वर्तमान में प्रदेश के प्रमुख आईटीआई संस्थानों की स्थिति बेहद चिंताजनक है। राजधानी के माना आईटीआई में डीजल मैकेनिक और फिटर ट्रेड के छात्र जिन ट्रैक्टरों और कारों पर प्रैक्टिकल कर रहे हैं, वे पूरी तरह जंग खा चुके हैं और कई की स्टीयरिंग तक जाम हैं।

यही हाल औद्योगिक क्षेत्र धरसींवा के आईटीआई का है, जहां आसपास दर्जनों फैक्ट्रियां होने के बावजूद संस्थान का भवन जर्जर है और मशीनें दम तोड़ चुकी हैं। भिलाई और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों के संस्थान भी आउटडेटेड कंप्यूटर और पुराने सिस्टम के भरोसे चल रहे हैं, जिससे छात्रों को आधुनिक प्रैक्टिकल का अनुभव नहीं मिल पा रहा है।

10 पुराने ट्रेड बंद, अप्रेंटिसशिप को बढ़ावा

विभाग ने रोजगार की घटती संभावनाओं को देखते हुए राज्य में आउटडेटेड हो चुके 10 पुराने ट्रेडों को पूरी तरह बंद कर दिया है, जबकि उनके स्थान पर 15 नए रोजगारपरक ट्रेड शुरू किए गए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में कुल 32,072 सीटें स्वीकृत हैं, जिनमें से वर्तमान में 23,970 सीटों पर प्रवेश हुआ है और 8,102 सीटें अभी भी खाली हैं।

युवाओं को व्यावहारिक अनुभव देने के लिए राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना के तहत दिसंबर 2025 तक 21,070 प्रशिक्षुओं को जोड़ा गया है, जिसमें 11,557 आईटीआई उत्तीर्ण छात्र हैं। इसके तहत उद्योगों को प्रति प्रशिक्षु 1,500 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता भी दी जा रही हैं।

पीएम-सेतु योजना से आईटीआई केंद्रों की कमियों को दूर कर युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की तैयारी है। - गुरु खुशवंत साहेब, मंत्री, तकनीकी शिक्षा

फैक्ट फाइल (Fact File)

  • राज्य में संचालित कुल आईटीआई: 203
  • कुल स्वीकृत सीटें: 32,072
  • कुल नामांकित विद्यार्थी: 23,970
  • कुल रिक्त सीटें: 8,102
  • प्रशिक्षक पद (स्वीकृत / कार्यरत): 2,347 / 2,192
  • प्रशिक्षकों के कुल रिक्त पद: 155

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