8,400 वेबसाइटें ब्लॉक, फिर भी ऑनलाइन जुए और अवैध सट्टेबाजी पर नहीं लग पा रही रोक, ईरान संकट के बाद देश में फैलाया जाल
ऑनलाइन जुए और अवैध सट्टेबाजी को रोकने के लिए 8,400 सट्टेबाजी वेबसाइटें ब्लॉक की जा चुकी हैं। इसके बावजूद, ऑनलाइन जुए और अवैध सट्टेबाजी पर रोक नहीं लग ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 22 Mar 2026 09:59:07 AM (IST)Updated Date: Sun, 22 Mar 2026 10:00:32 AM (IST)
HighLights
- 2,600 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त
- लुकआउट नोटिस को दे रहे चकमा
- सट्टा-मटका को भी निशाने पर लिया गया
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। ऑनलाइन जुए और अवैध सट्टेबाजी को रोकने के लिए 8,400 सट्टेबाजी वेबसाइटें ब्लॉक की जा चुकी हैं। ऑनलाइन गेमिंग एक्ट के तहत इनमें से 4,900 से अधिक वेबसाइटों को बंद कर दिया गया है। हाल ही में 300 और वेबसाइटों और एप को प्रतिबंधित किया गया है।
इनमें स्पोर्ट बेटिंग, ऑनलाइन कैसीनो, स्लाट मशीन, रूलेट और लाइव डीलर टेबल जैसे हाईटेक जुए शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, सट्टा-मटका और असली पैसे वाले कार्ड गेम को भी निशाने पर लिया गया है।
2,600 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त
ईडी, सीबीआइ और राज्य की एसीबी-ईओडब्ल्यू ने अब तक 2,600 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है। इसके बावजूद, ऑनलाइन जुए और अवैध सट्टेबाजी पर रोक नहीं लग पा रही है।
लुकआउट नोटिस को दे रहे चकमा
जांच में यह सामने आया है कि महादेव के प्रमोटर क्रिप्टोकरेंसी और अन्य डिजिटल वालेट के माध्यम से लेन-देन कर रहे हैं, जिससे पैसों का ट्रेल पकड़ना कठिन हो रहा है। लुकआउट सर्कुलर जारी होने के बावजूद ये प्रमोटर अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का लाभ उठाकर एक देश से दूसरे देश भाग रहे हैं।
जांच एजेंसियों की सख्ती, लुकआउट नोटिस और इंटरपोल की सक्रियता के बावजूद मुख्य आरोपित सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल, शुभम सोनी, अनिल अग्रवाल समेत अन्य गिरफ्त से बाहर हैं।
वित्तीय स्रोत को ध्वस्त करने से रुकेगा खेल
जांच एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि केवल एप ब्लॉक करना पर्याप्त नहीं है। जब तक सट्टेबाजों के वित्तीय स्रोतों और उनके स्थानीय एजेंटों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त नहीं किया जाता, तब तक ये डिजिटल अपराधी नए नामों से बाजार में लौटते रहेंगे।
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ईरान संकट के बाद देश में फैलाया जाल
महादेव एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाइब्रिड माडल अपनाया है। ईरान और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण प्रमोटरों ने अपने मुख्य सर्वर और गुर्गों को भारत के भीतर सुरक्षित ठिकानों पर शिफ्ट कर दिया है। जैसे ही एक वेबसाइट ब्लाक होती है, वे तुरंत दूसरे डोमेन या मिरर वेबसाइट के जरिए ग्राहकों तक पहुंच जाते हैं।