
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को रायपुर में आयोजित आर्गनाइजर के कान्क्लेव में कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ की पूर्व कांग्रेस सरकार ने माओवादी आतंक को संरक्षण दिया।
अमित शाह ने कहा कि मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं कि भूपेश बघेल की सरकार ने माओवादी आतंक को प्रश्रय दिया। मैं उस समय भी केंद्रीय गृह मंत्री था। किसी हथियारबंद समूह को कोई सरकार कैसे संरक्षण दे सकती है, यह मेरी समझ से परे है।
गृह मंत्री ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि सुरक्षा-केंद्रित रणनीति, बुनियादी ढांचे का विकास, माओवादियों के वित्तीय नेटवर्क को तोड़ने और पुनर्वास व आत्मसमर्पण जैसी नीतियों के सफल परिणाम मिले हैं। स्पष्ट किया कि बस्तर में सुरक्षा बलों की बढ़ती सक्रियता ने माओवादियों की कमर तोड़ दी है।
गृह मंत्री ने रविवार को नवा रायपुर में वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) को लेकर बैठक में समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, माओवादी हिंसा प्रभावित राज्यों के डीजीपी व विभिन्न जांच एजेंसियों के अधिकारी शामिल हुए।
गृह मंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार देश से माओवाद की समस्या को पूरी तरह समाप्त करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही। कई पीढ़ियों को गरीबी और अशिक्षा के अंधकार में धकेलने वाले माओवाद से देश जल्द ही निजात पाने वाला है। माओवादियों के खिलाफ चल रही लड़ाई बिखरी हुई नहीं होनी चाहिए।
विभिन्न राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों के बीच सुचारू समन्वय की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि शेष बचे माओवादियों को अन्य राज्यों में भागने नहीं दिया जाना चाहिए। जो छत्तीसगढ़ कभी माओवादी हिंसा का गढ़ था, भाजपा की डबल इंजन सरकार में विकास का पर्याय बन चुका है। यहां के युवा स्पोर्ट्स, फोरेंसिक व टेक्निकल एजुकेशन को गति देते हुए अपनी संस्कृति व परंपराओं को भी सहेज रहे हैं।
आरएसएस की प्रशंसा करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता से पहले और बाद में भारत की यात्रा में संघ का बहुत बड़ा योगदान रहा है, जिसे कोई भी इतिहासकार नकार नहीं सकता। राष्ट्रीय और सामाजिक जीवन के हर क्षेत्र में स्वयंसेवकों का सकारात्मक योगदान दिखाई देता है।
संघ अपने कार्यों के कारण सबसे अलग नजर आता है। देश को जल्द ही विनाशकारी कम्युनिस्ट विचारधारा से छुटकारा पाने की जरूरत है। उन्होंने माओवादियों से हथियार डालने की अपील करते हुए आश्वासन दिया कि सरकार उनके स्वागत के लिए रेड कार्पेट बिछाएगी।
आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में पिछले दो साल में 500 से अधिक माओवादी ढेर हुए, इनमें बसवराजू जैसे बड़े हिंसक शामिल हैं। कई अभियानों के दौरान 1,900 माओवादी पकड़े गए। सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर 2,500 माओवादियों ने हथियार छोड़े।
माओवादी मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान को लेकर कांग्रेस ने पलटवार किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राजनीतिक विद्वेष के कारण गृह मंत्री द्वारा की गई बयानबाजी तथ्यों के विपरीत है और उन्हें शोभा नहीं देती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान अमित शाह स्वयं अपने हर छत्तीसगढ़ दौरे में माओवादी हिंसा नियंत्रण को लेकर भूपेश सरकार की प्रशंसा करते रहे हैं।
आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि कांग्रेस शासनकाल में छत्तीसगढ़ में माओवादी घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई थी। उन्होंने पांच अप्रैल 2021 का हवाला देते हुए कहा कि उस दिन अमित शाह ने स्वयं मीडिया के सामने कहा था कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से माओवाद को पीछे धकेला गया है और माओवादी घटनाओं में लगभग 80 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उस अवसर पर आरपीएफ के डीजीपी ने भी कहा था कि छत्तीसगढ़ में माओवाद पैकअप की स्थिति में है।
शाह राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित ‘छत्तीसगढ़
शाह ने कहा कि छोटे राज्यों की अवधारणा पर संदेह जताया जाता था, लेकिन छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड ने साबित कर दिया कि स्पष्ट विचारधारा और मजबूत शासन से छोटे राज्य भी विकास का बड़ा मॉडल बन सकते हैं। शाह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में हुए राज्य विभाजन शांतिपूर्ण रहे, जबकि कांग्रेस शासन में आंध्रप्रदेश–तेलंगाना विभाजन के दौरान गंभीर विवाद पैदा हुए।
आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए गृह मंत्री ने बताया कि 25 वर्षों में राज्य का बजट 30 गुना, प्रति व्यक्ति आय 17 गुना और जीएसडीपी 25 गुना बढ़ी है। कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और आदिवासी कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुए हैं।