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प्रतिबंध के बावजूद राजधानी में खप रहा एनालाॅग पनीर, डेयरी कालेज में जांच-सैंपलिंग ठप

राजधानी रायपुर में प्रतिबंध के बावजूद एनालाग पनीर का अवैध कारोबार धड़ल्ले से जारी है। दूसरी ओर, दुग्ध उत्पादों की जांच और रिसर्च का जिम्मा संभालने वाल...और पढ़ें

By Goswami SahuEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Sun, 09 Aug 2026 09:46:42 AM (IST)Updated Date: Sun, 09 Aug 2026 09:49:32 AM (IST)
प्रतिबंध के बावजूद राजधानी में खप रहा एनालाॅग पनीर, डेयरी कालेज में जांच-सैंपलिंग ठप
एनालाॅग पनीर की बिक्री का प्रतीकात्मक एआई विजुअल।

HighLights

  1. राजधानी में बिक रहा प्रतिबंधित एनालाग पनीर
  2. डेयरी कॉलेज का प्लांट अब तक है अधूरा
  3. छात्रों की पढ़ाई और प्रैक्टिकल हो रहे प्रभावित

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राज्य शासन द्वारा एनालाग पनीर के निर्माण और बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भी राजधानी रायपुर में इसका अवैध कारोबार चल रहा है। शहर की कई डेयरियों और खाद्य प्रतिष्ठानों में बड़े पैमाने पर नकली पनीर बनाए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इससे आम जनता की सेहत के साथ खुलेआम खिलवाड़ हो रहा है।

दुग्ध उत्पादों की शुद्धता जांचने और रिसर्च करने का मुख्य जिम्मा संभालने वाला राजधानी का एकमात्र डेयरी कॉलेज खुद बदहाली के दौर से गुजर रहा है। कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित इस कॉलेज में तीन हजार वर्गफीट आधुनिक प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की गई है। इसके लिए वर्ष 2017-18 में स्वीकृति मिली थी और वर्ष 2020 से पहले ही एक करोड़ 87 लाख रुपए की मशीनें खरीद ली गई थीं।


अधर में छात्रों का भविष्य

महज छोटी-छोटी तकनीकी कमियों और प्रशासनिक लापरवाही के चलते वर्ष 2020 में शुरू होने वाला यह प्लांट साल 2026 में भी चालू नहीं हो सका है। नतीजतन, डेयरी कॉलेज के विद्यार्थियों की पढ़ाई और प्रैक्टिकल बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए दूसरे निजी डेयरी फार्मों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। कॉलेज परिसर में सैंपलिंग और टेस्टिंग बंद होने के कारण अवैध कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं।

जल्द सुविधा शुरू होने की उम्मीद

डेयरी उत्पादों की जांच की सुविधा बाधित है, जिसे आगामी सप्ताहभर के भीतर पूरी तरह शुरू कर दिया जाएगा। डेयरी प्रोसेसिंग प्लांट का 98 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष बचे छोटे-मोटे तकनीकी कार्यों को तेजी से निपटाकर इसे अगस्त के अंत तक शुरू करने की तैयारी चल रही है। प्लांट के शुरू होने से विद्यार्थियों को दूध प्रसंस्करण, पैकेजिंग और गुणवत्ता परीक्षण का बेहतर व्यावहारिक ज्ञान मिल सकेगा।

- डा. सुधीर उपरित, डीन, डेयरी कालेज रायपुर