
टी. सूर्याराव, भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के करीब 10 हजार कर्मचारियों को अक्टूबर में मिलने वाले वार्षिक बोनस यानी एक्सग्रेशिया को लेकर सितंबर शुरू होने के बाद भी अब तक कोई विशेष हलचल नजर नहीं आ रही है। आमतौर पर पिछले वर्षों में अगस्त से ही बोनस को लेकर यूनियन नेताओं की सक्रियता बढ़ जाती थी।
संभावित बोनस राशि, प्रबंधन के प्रस्ताव और कर्मचारियों की मांग पर चर्चा के लिए बैठकों का सिलसिला शुरू हो जाता था। इस बार माहौल शांत होने से कर्मचारियों के बीच सवाल उठ रहा है कि बोनस वार्ता कब शुरू होगी और इस बार उनके खाते में कितनी राशि आएगी।
बीएसपी कर्मचारियों की नजर इस बार एक्सग्रेशिया पर इसलिए भी है क्योंकि सेल का वित्तीय प्रदर्शन पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में सेल ने 4,334 करोड़ रुपये का कर-पूर्व लाभ (पीबीटी) और 3,233 करोड़ रुपये का कर-पश्चात लाभ दर्ज किया। कंपनी का राजस्व 1,10,810 करोड़ रुपये रहा, जबकि ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की आय (एबीटा) 13,146 करोड़ रुपये तक पहुंची।
सेल के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक उत्पादन और बिक्री में भी वृद्धि दर्ज की गई है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक का सर्वश्रेष्ठ उत्पादन और बिक्री प्रदर्शन दर्ज किया। क्रूड स्टील उत्पादन 19.43 मिलियन टन और बिक्री मात्रा 19.93 मिलियन टन रही।
बीएसपी को सेल की प्रमुख कमाई वाली इकाइयों में शामिल किया जाता है। वित्त वर्ष 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार बीएसपी का सेगमेंट परिणाम कर, ब्याज आदि से पहले 4,090.65 करोड़ रुपये रहा था। यह सेल की अन्य प्रमुख इकाइयों की तुलना में मजबूत प्रदर्शन था।
इसी आधार पर कर्मचारियों को उम्मीद है कि संयंत्र के बेहतर प्रदर्शन का असर इस बार एक्सग्रेशिया में भी दिखाई देगा। कर्मचारियों और यूनियन प्रतिनिधियों के बीच यह तर्क अक्सर सामने आता रहा है कि उत्पादन, बिक्री, नकद वसूली और लाभ में संयंत्र की भूमिका मजबूत है, इसलिए बोनस तय करते समय कर्मचारियों को भी इसका उचित लाभ मिलना चाहिए।
बोनस को लेकर वर्ष 2022 में सबसे अधिक खींचतान देखने को मिली थी। उस समय यूनियन प्रतिनिधियों ने 44 हजार रुपये तक की मांग रखी थी। प्रबंधन की ओर से प्रस्ताव कई दौर की बातचीत के बाद बढ़ाया गया और अंततः 28 हजार रुपये पर सहमति बनी थी।
इसके बाद 2023 में बोनस राशि घटकर 23 हजार रुपये हो गई, जबकि 2024 में यह बढ़कर 26,500 रुपये पहुंची। वर्ष 2025 में भी करीब 10,450 बीएसपी कर्मियों को पुराने फार्मूले के आधार पर बोनस दिए जाने की जानकारी सामने आई थी।
इस बार कर्मचारियों की निगाह केवल पिछले साल मिली राशि पर नहीं है। सेल के बेहतर मुनाफे, रिकॉर्ड उत्पादन और बिक्री के चलते एक्सग्रेशिया को लेकर उम्मीद बढ़ी है। कर्मचारियों के बीच चर्चा है कि कंपनी का परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन बेहतर हुआ है तो बोनस में भी इसका प्रभाव दिखना चाहिए। यूनियन नेताओं पर भी जल्द वार्ता शुरू कराने और कर्मचारियों के लिए सम्मानजनक बोनस राशि तय कराने का दबाव बढ़ने की उम्मीद है।
बोनस वर्ष- कर्मचारियों को मिली राशि
2020-21- 16,500 रुपये
2021-22- 21,000 रुपये
2022-23- 28,000 रुपये
2023-24- 23,000 रुपये
2024-25- 26,500 रुपये
बोनस को लेकर 10 सितंबर को बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। इस संबंध में केंद्रीय नेताओं से भी चर्चा हुई है। बीएसपी कर्मचारियों को इस बार एक बेसिक और डीए के बराबर बोनस दिया जाना चाहिए। कर्मचारियों की मेहनत और संयंत्र के प्रदर्शन को देखते हुए प्रबंधन को सम्मानजनक बोनस देना होगा।
-संजय साहू, महासचिव व एनजेसीएस सदस्य
बोनस का फार्मूला पहले से निर्धारित है। इस संबंध में केंद्रीय नेताओं से चर्चा की गई है। इस बार कर्मचारियों को अधिक से अधिक बोनस मिलना चाहिए। महंगाई और बढ़ती जरूरतों को देखते हुए कर्मचारियों के हित में बेहतर बोनस तय किया जाना जरूरी है। इसके लिए संगठन लगातार प्रयासरत है और रहेगा।
-वीबी सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष, बीएमएस
बीएसपी कर्मचारियों के बोनस को लेकर एनजेसीएस के सदस्यों ने गलत अनुबंध किया है। इस अनुबंध का खामियाजा कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है और उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। बोनस का फार्मूला कर्मचारियों के हित में होना चाहिए था। एनजेसीएस सदस्यों को इस गलती को सुधारकर कर्मचारियों को उचित बोनस दिलाना चाहिए।
-उज्जवल दत्ता, अध्यक्ष बीडब्ल्यूयू