
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। राज्य में प्रशासनिक स्तर पर पांच महीने पहले हुए बड़े फेरबदल (CG Police Officers Transfers) के बाद अब पुलिस विभाग में भी व्यापक बदलाव की तैयारी तेज हो गई है। राज्य सरकार जल्द ही पुलिस महकमे में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी कर सकती है।
प्रस्तावित फेरबदल में जिलों के पुलिस अधीक्षक (SP) से लेकर रेंज स्तर के IG, डीआईजी और पुलिस मुख्यालय में पदस्थ एडीजी स्तर के अधिकारियों तक की जिम्मेदारियों में बदलाव संभव माना जा रहा है। पुलिस मुख्यालय के सूत्रों के अनुसार कुछ वरिष्ठ अधिकारी वर्तमान में बिना प्रभार के कार्यरत हैं। ऐसे में नई सूची के जरिए उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।
जानकारी के मुताबिक यह फेरबदल राजधानी रायपुर में लागू की गई पुलिस कमिश्नरी प्रणाली से अलग होगा। रायपुर कमिश्नरी में अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले पहले ही किए जा चुके हैं, इसलिए इस बार मुख्य ध्यान राज्य के अन्य 33 जिलों पर रहेगा।
मुख्यालय की विभिन्न शाखाओं, सशस्त्र बलों और जिला पुलिस इकाइयों में नए अधिकारियों को जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना है। शासन की कोशिश पुलिसिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी और चुस्त-दुरुस्त बनाने की बताई जा रही है।
इस वर्ष जनवरी में पुलिस विभाग में बड़ा बदलाव देखने को मिला था। उस समय संजीव शुक्ला को रायपुर का पहला पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया था। इसी दौरान 15 आईपीएस अधिकारियों के तबादले भी किए गए थे।
अब पांच महीने बाद फिर से पुलिस महकमे में नई पदस्थापना सूची जारी होने के संकेत मिल रहे हैं। इसे राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
पुलिस मुख्यालय में चल रही चर्चाओं के अनुसार कई जिलों के पुलिस अधीक्षकों और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों के कार्यक्षेत्र बदले जा सकते हैं। खासकर उन जिलों में अधिक बदलाव संभावित हैं, जहां हाल के समय में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियां बढ़ी हैं।
दुर्ग और राजनांदगांव जैसे महत्वपूर्ण रेंज में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है। हालांकि हालिया नियुक्तियों को देखते हुए आईजी स्तर पर बदलाव सीमित रहने के संकेत हैं।
सूत्रों का कहना है कि शहरों में लंबे समय से पदस्थ डीएसपी और सीएसपी स्तर के अधिकारियों की नई सूची भी तैयार की जा रही है। शासन ऐसे अधिकारियों को नई जगहों पर जिम्मेदारी देकर प्रशासनिक संतुलन बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
पुलिस विभाग में होने वाले इस संभावित फेरबदल पर पूरे प्रदेश की नजर टिकी हुई है, क्योंकि इसका सीधा असर राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर पड़ेगा।