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छत्तीसगढ़ के पांच नए मेडिकल कॉलेजों को NMC से नहीं मिली मान्यता, MBBS की 250 नई सीटें बढ़ाने की योजना अटकी

छत्तीसगढ़ के पांच नए मेडिकल कॉलेजों को नेशनल मेडिकल कमीशन से मान्यता नहीं मिल सकी है। इससे प्रदेश में 250 नई एमबीबीएस सीटें बढ़ाने की योजना को बड़ा झट...और पढ़ें

By Abhishek RaiEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Fri, 12 Jun 2026 11:28:48 AM (IST)Updated Date: Fri, 12 Jun 2026 11:28:48 AM (IST)
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छत्तीसगढ़ के पांच नए मेडिकल कॉलेजों को NMC से नहीं मिली मान्यता, MBBS की 250 नई सीटें बढ़ाने की योजना अटकी
छत्तीसगढ़ के पांच नए मेडिकल कॉलेजों को एनएमसी से नहीं मिली मान्यता (फाइल फोटो)

HighLights

  1. संविदा भर्ती में केवल नौ डॉक्टर इंटरव्यू में पहुंचे
  2. चिकित्सा शिक्षा विभाग फिर से प्रयास करेगा
  3. 250 एमबीबीएस सीटें बढ़ाने की योजना को झटका

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेज शुरू करने की तैयारी को बड़ा झटका लगा है। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने दंतेवाड़ा, मनेंद्रगढ़, कुनकुरी (जशपुर), जांजगीर-चांपा और कवर्धा में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेजों को मान्यता देने से इनकार कर दिया है। इससे प्रदेश में एक साथ 250 नई एमबीबीएस सीटें बढ़ाने की योजना प्रभावित हो गई है।

वर्तमान में प्रदेश के 10 मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की कुल 1,430 सीटें उपलब्ध हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने नए कॉलेजों के संचालन की तैयारियां लगभग पूरी कर ली थीं।

डीन नियुक्त, भर्ती प्रक्रिया भी जारी

इन प्रस्तावित मेडिकल कॉलेजों के लिए डीन की नियुक्ति पहले ही की जा चुकी थी। फैकल्टी और अन्य जरूरी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया भी चल रही थी। हालांकि, एनएमसी ने ऑनलाइन प्रस्तुत दस्तावेजों और अन्य जानकारियों की जांच के बाद प्रस्तावों को मंजूरी देने से मना कर दिया। इसके कारण निरीक्षण प्रक्रिया भी आगे नहीं बढ़ सकी।


अधिकारियों का कहना है कि जरूरी सुधार और दस्तावेजी औपचारिकताएं पूरी कर दोबारा मान्यता प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा।

भवन और अस्पताल की कमी बनी बड़ी वजह

विशेषज्ञों के अनुसार, एनएमसी के नियमों के तहत मेडिकल कॉलेज की स्वयं की भवन व्यवस्था और पर्याप्त अस्पताल सुविधाएं अनिवार्य होती हैं। बताया जा रहा है कि प्रस्तावित पांचों मेडिकल कॉलेजों के भवन अब तक तैयार नहीं हो सके हैं। इसके अलावा दो जिलों में जिला अस्पताल भी उपलब्ध नहीं है।

जानकारी के मुताबिक, कुछ स्थानों पर कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (सीएचसी) को बड़े अस्पताल के रूप में दर्शाकर अनुमति लेने की कोशिश की गई थी। इसी बीच विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने झारगांव स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर का निरीक्षण कर आवश्यक सुविधाएं विकसित करने के निर्देश भी दिए थे।

डॉक्टरों की भर्ती में भी नहीं मिला अपेक्षित प्रतिसाद

पांच नए मेडिकल कॉलेजों के लिए 175 डॉक्टरों की संविदा भर्ती हेतु 15 और 16 मई को रायपुर मेडिकल कॉलेज में वॉक-इन-इंटरव्यू आयोजित किया गया था। लेकिन साक्षात्कार में केवल नौ डॉक्टर ही पहुंचे, जिनमें से आठ की नियुक्ति की गई।

इसके अलावा प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक और सीनियर रेजीडेंट के 149 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित की गई है।

भवन निर्माण के लिए स्वीकृत राशि

मनेंद्रगढ़ मेडिकल कॉलेज के भवन निर्माण के लिए 323.03 करोड़ रुपये, कवर्धा और जांजगीर-चांपा के लिए 318.27 करोड़ रुपये, दंतेवाड़ा के लिए 326.53 करोड़ रुपये तथा कुनकुरी मेडिकल कॉलेज के लिए 359 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

एनएमसी ने मेडिकल कालेजों के दस्तावेजों में कुछ कमी को देखकर स्थल परीक्षण के लिए मना किया है। अपील करने के लिए 15 दिनों का समय रहता है। कमियों को दूर कर फिर से अपील की जाएगी।

-श्याम बिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य मंत्री