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CGPSC Success Story: किसान के बेटे रवि ने किया कमाल, पांच बार नाकामयाब रहने पर नहीं मानी हार, अगले प्रयास में किया टॉप

बलौदाबाजार जिले के पलारी क्षेत्र के कोसमंदी गांव के रहने वाले रविशंकर वर्मा ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) 2023 में पहला स्थान हासिल कर क्षेत्र और...और पढ़ें

By Ashish Kumar GuptaEdited By: Ashish Kumar Gupta
Publish Date: Fri, 29 Nov 2024 04:38:57 PM (IST)Updated Date: Sat, 30 Nov 2024 12:10:05 AM (IST)
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CGPSC Success Story: किसान के बेटे रवि ने किया कमाल, पांच बार नाकामयाब रहने पर नहीं मानी हार, अगले प्रयास में किया टॉप

HighLights

  1. नोएडा में प्राइवेट नौकरी छोड़ छत्तीसगढ़ लौटे रवि शंकर और मेहनत जारी रखी।
  2. शुरुआती पढ़ाई कुसमुंदा के सरकारी स्कूल और रायपुर के कालीबाड़ी स्कूल से की।
  3. 2021 में जिला रोजगारी अधिकारी में हुआ था चयन, अभी रायपुर में चल रही है ट्रेनिंग।

रायपुर। कहते है सफलता हमेशा मेहनत करने वालों पर जान लूटा देती है। इसका उदाहरण बने हैं बलौदाबाजार जिले के पलारी क्षेत्र कोसमंदी के रहने वाले रविशंकर वर्मा। छत्‍तीसगढ़ लोकसेवा आयोग ने 2023 का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया गया है, जिसमें बलौदाबाजार के रविशंकर ने छत्‍तीसगढ़ में पहला स्थान प्राप्त किया है।

2021 में रविशंकर ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से CGPSC परीक्षा में सफलता प्राप्त की है और रोजगार अधिकारी के पद पर चयनित हुए हैं। 2021 में इस परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद वे कोरिया जिले में ट्रेनिंग पर थे। रविशंकर ने अपने करियर की शुरुआत नोएडा में एक प्राइवेट कंपनी से की थी, लेकिन 2022 में जिला रोजगार अधिकारी के पद पर चयन के बाद उन्होंने नोएडा छोड़कर वापस छत्तीसगढ़ लौटने का निर्णय लिया। naidunia_image


रविशंकर के पिता, बालकृष्ण वर्मा, एक मेहनती किसान हैं, जबकि उनकी मां, योगेश्वरी साहू, गृहिणी हैं। वे चार भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं। उनका बड़ा भाई एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं, जबकि दोनों बहनें शिक्षिका हैं और जिनकी शादी हो चुकी है।

रविशंकर ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कुसमुंदा गांव के शासकीय स्कूल से 8वीं तक की। इसके बाद उन्होंने रायपुर के कालीबाड़ी स्कूल से 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई की और फिर एनआईटी रायपुर से इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की।

इसके बाद रवि नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर में नौकरी करने लगे। इस दौरान उन्‍होंने प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना देखा। हालांकि उनका चयन बैकुंठपुर में जिला रोजगार अधिकारी के पद पर हुआ, जिसकी रायपुर में ट्रेनिंग चल रही है।

रविशंकर की सफलता न केवल उनके परिवार का गर्व है, बल्कि यह यह संदेश भी देती है कि मेहनत और सही दिशा में प्रयास करने से कोई भी मुश्किल पार की जा सकती है। naidunia_image

मुख्यमंत्री ने चयनित युवाओं को दी बधाई

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सफल होने वाले अभ्यर्थियों को बधाई दी हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के कंधे पर प्रदेश के विकास की महती जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री साय ने उम्मीद जताई कि राज्य सेवा परीक्षा में चयनित युवा शासकीय सेवा में आकर पूरी ईमानदारी से जनता की सेवा करेंगे। उन्होंने चयनित युवाओं को पूरी तन्मयता से कार्य करते हुए प्रदेश के विकास में अपना बहुमूल्य योगदान देने की अपील की है।