नईदुनिया फोरम: कांग्रेस सरकार में नहीं थी माओवादियों से लड़ाई की राजनीतिक इच्छाशक्ति बोले विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नईदुनिया फोरम में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि उनमें माओवादियों से लड़ने की राजनीतिक इच्छाशक...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 05 Aug 2026 09:55:43 AM (IST)Updated Date: Wed, 05 Aug 2026 10:00:57 AM (IST)
रायपुर में आयोजित नईदुनिया फोरम 2026 को संबोधित करते मुख्यमंत्री विष्णु देव साय। -नईदुनियाHighLights
- 2024 में हुई केंद्रीय समीक्षा में 76 प्रतिशत माओवादी वारदातें छत्तीसगढ़ में होने की बात सामने आई थी।
- पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने कदम उठाए होते तो 31 मार्च 2026 से बहुत पहले राज्य में खत्म हो जाते माओवादी
- नईदुनिया फोरम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर जमकर साधा निशाना
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को आयोजित नईदुनिया फोरम में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर माओवादी हिंसा को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश को माओवादी हिंसा से मुक्ति दिलाने में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और संकल्प सबसे बड़ी ताकत रहे हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में माओवादियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की राजनीतिक इच्छाशक्ति का अभाव था।
साय ने कहा कि जनवरी 2024 में रायपुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में सामने आया था कि देश में होने वाली कुल माओवादी हिंसा की 76 प्रतिशत घटनाएं अकेले छत्तीसगढ़ में होती थीं। उन्होंने इसे पिछली सरकार की विफलता का प्रमाण बताते हुए कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम उठाए गए होते, तो 31 मार्च 2026 की तय समय-सीमा से बहुत पहले ही छत्तीसगढ़ से माओवादी हिंसा का खात्मा हो चुका होता।
गोठान योजना को बताया ढकोसला
पूर्ववर्ती सरकार की योजनाओं पर प्रहार करते हुए सीएम साय ने कहा कि नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी का नारा सिर्फ कागजों तक सीमित था। धरातल पर कुछ काम नहीं हुआ और गोठान के नाम पर राज्य की जनता से धोखा किया गया। अपने व्यक्तिगत निरीक्षण का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं चार गोठानों का दौरा किया था, जहां न तो पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था थी और न ही चारे-सुविधाओं का कोई इंतज़ाम । उन्होंने बताया कि वर्तमान भाजपा सरकार के कार्यकाल में अब तक 29 सुरभि गोधाम सफलतापूर्वक संचालित किए जा रहे हैं, जहां चरवाहों को 10 से 15 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है।
किसान हित और वैश्विक चुनौतियों पर बात
मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया के युद्ध के समय भी राज्य सरकार ने सुनिश्चित किया कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कोई किल्लत न हो। किसानों को डीएपी खाद की समस्या से उबारने के लिए नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया गया, जिससे जमीन की उर्वरक क्षमता भी सुरक्षित रहती है।